
Surjit Singh
Ranchi: मेदांता अस्पताल में मरीजों से किस तरह पैसे की वसूली की जाती होगी, इसका अंदाजा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि वहां एक मरीज लाने के बदले एंबुलेंस चालक को 1500 रुपया दिये जाते हैं.
इस काम के लिये अस्पताल प्रबंधन ने एक एजेंट रखा है. जिसका नाम अमित है. अमित ही एंबुलेंस चालकों को रुपया देता है. अमित, डीजीएम मार्केटिंग हेड संदीपन कर्माकार का खास आदमी है.
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दस्तावेज के मुताबिक, मार्केटिंग डिपार्टमेंट के एक एक्जक्यूटिव ने एंबुलेंस चालकों को 1500 रुपये देने जैसे अनुचित काम की शिकायत मेदांता ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट मार्केटिंग सुदेश थरेजा से की थी. पांच जनवरी 2018 को उस एक्जक्यूटिव ने सुकेश थरेजा को एक ई-मेल भेजा था.
जिसमें इस गैरकानून काम के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए इस पर रोक लगाने का अनुरोध किया था. लेकिन उनके स्तर से कोई कार्रवाई नहीं की गयी.
दस्तावेज के मुताबिक, सितंबर, अक्टूबर, नवंबर-2017 में 69,500 रुपये कमीशन के रुप में एंबुलेंस चालकों को दिये गये. दस्तावेज पर पूर्व एक्जक्यूटिव मार्केटिंग विनित कुमार, फाइनांस हेड आशीष शर्मा, पूर्व सेंटर हेड डॉ शरद अग्रवाल, पूर्व सेंटर हेड सेक्रेटरी गरिमा सिंह के हस्ताक्षर हैं. दस्तावेज में मरीज का एडमिशन नंबर, तारीख और एजेंट अमित के नाम का जिक्र है.
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न्यूज विंग के पास एक ऑडियो रिकॉर्डिंग है. जिसमें एजेंट अमित कुमार, मेदांता मार्केटिंग में आकर पैसे के लिये झगड़ा कर रहा है. आडियो में अमित कुमार कमीशन के पैसे बकाये को लेकर डिटेल बता रहा है और संदीपन कर्माकार ने उसे आश्वस्त किया कि उसके सारे बकाये पैसे जल्द दे दिये जायेंगे.
एक अन्य ऑडियो में बोकारो जिला का एक एंबुलेंस चालक संदीपन कर्माकर से बात कर रहा है. जिसमें संदीपन कर्माकर साफ-साफ कह रहे हैं कि आप मरीज लकर आईये, हम 1500 रुपये प्रति मरीज देंगे.
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