
Chatra : हंटरगंज थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर अंबाखार गांव में टीपीसी के सबजोनल कमांडर बसंत की नक्सलियों ने हत्या कर दी. झारखंड पुलिस की दबिश के कारण वह लंबे समय से क्षेत्र से पलायन किए हुए था. बसंत रोशन गंज थाना क्षेत्र को अपना कार्यक्षेत्र बनाए हुए था.
जिसकी जानकारी नक्सली कमांडर अमरजीत को हुई. इससे वह परेशान था. जिसके बाद से वह लगातार बसंत को जान से मारने के फिराक में था. और फिर मौका पाते ही नक्सलियों ने उसकी हत्या कर दी.
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कई घटनाओं में संलिप्त था बसंत
टीपीसी सब जोनल कमांडर बसंत बांके बाजार थाना के रोशन गंज गांव का रहने वाला था. लंबे समय से भाकपा माओवादी और टीपीसी संगठन में रहकर बसंत ने कई घटनाओं का अंजाम दिया था. साथ ही वह लेवी वसूलने का भी काम करता था. गौरतलब है कि लंबे समय से बसंत की तलाश पुलिस को भी थी.
नक्सलियों के द्वारा डीपीसी के सब जोनल कमांडर बसंत सिंह की हत्या के बाद आशंका जताई जा रही है कि एक बार फिर से नक्सली और टीपीसी संगठन के बीच आपसी मुद्दे को लेकर भिड़ंत हो सकती है.
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लंबे समय से चुप्पी के बाद टीपीसी व नक्सली के बीच फिर से शुरु हत्या का दौर
बसंत की हत्या से टीपीसी को काफी नुकसान हुआ है. इस घटना को वह किस रूप में लेती है यह आने वाले दिनों में ही देखने को मिलेगा. हालांकि काफि लंबे समय से नक्सलियों और टीपीसी में आपसी मुद्दे को लेकर किसी तरह की हत्या नहीं की गयी थी.
लेकिन नक्सलियों द्वारा इस घटना को अंजाम देने के बाद एक बार फिर से दोनों के बीच हत्या के दौर की शुरुआत होने की आशंका जतायी जा रही है. क्योंकि बसंत की हत्या के बाद टीपीसी चुप नहीं बैठने वाली. वह किसी ना किसी तरीके से नक्सलियों से बदला जरूर लेगी.




