
Ranchi: पेयजल और स्वच्छता विभाग की तरफ से राज्य के उग्रवाद प्रभावित जिलों में सौर ऊर्जा पर आधारित 602 मिनी वाटर सप्लाई स्कीम स्थापित किये जायेंगे. सरकार की तरफ से पिछले वित्तीय वर्ष में दो हजार ऐसी योजनाएं संचालित करने का निर्णय लिया गया था. विभाग से इन योजनाओं का विस्तृत प्रगति प्रतिवेदन तैयार कर उसकी प्रशासनिक स्वीकृति भी दे दी गयी है. अभियंता प्रमुख श्वेताभ कुमार ने एक अरब से अधिक की लागतवाली इन योजनाओं की पहली किस्त जारी भी कर दी है. जानकारी के अनुसार छतरपुर की 34 पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर 68.17 करोड़ स्वीकृत की गयी थी. अब पहली किश्त के पांच करोड़ रुपये जारी कर दिये गये हैं. राष्ट्रीय ग्रामीण जलापूर्ति कार्यक्रम के अंतर्गत पाकुड़ के लिट्टीपाड़ा गांव में भी 15 करोड़ की योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया है. इसके लिए भी सरकार ने राज्यांश के हिस्से का पांच करोड़ जारी किया है.
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क्या है सोलर मोटर पंप स्कीम
सोलर मोटर पंप स्कीम में सरकार की ओर से खुदवाये गये हाई यील्ड डीप ट्यूबवेल (एचवाइडीटी), आहर, पोखर, कुंआ से पानी निकालने के लिए एक एचपी से दो एचपी क्षमता का सोलर मोटर पंप लगाया जाता है. निकाले गये पानी को पांच हजार लीटर क्षमता के स्टोरेज टैंक में जमा कर, उसे आसपास के गांवों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जाती है. एक गांव में न्यूनतम 25 कनेक्शन दिया जाना अनिवार्य है. यह काम विभाग के संबंधित प्रमंडलों की ओर से क्रियान्वित किया जाता है.
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