
New Delhi : मिस्र की पहचान उसके विशाल पिरामिडों को लेकर पूरी दुनिया में है. इस बीच पुरातत्वविदों ने मिस्र में अब तक की सबसे बड़ी खोज की है. पुरातत्वविदों को इस खोज में कोई ममी या पिरामिड नहीं, बल्कि एक भव्य मंदिर मिला है. जानकारी के अनुसार यह वैदिक काल में बना एक सूर्य मंदिर है, जिसका निर्माण 4500 साल पहले किया गया था. पुरातत्वविदों की मानें तो यह मंदिर ईसा से 2500 वर्ष पूर्व बना होगा.
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सूर्य मंदिर आर्यों के समय बनाए गए थे
पुरातत्वविदों की इस टीम को लीड कर रहे मिस्र के सहायक प्रोफेसर ने CNN को जानकारी देते हुए बताया कि काहिरा के दक्षिण में अबू घुरब में करीब 12 मील की दूरी पर प्राचीन सूर्य मंदिर के अवशेष दफन पाए गए थे.
यह मंदिर मिस्र के 6 खोये हुए सूर्य मंदिरों में से एक बताया जा रहा है. लेकिन यह भारत के वैदिक इतिहास को नकारने का एक कुत्सित प्रयास है. कहा जाता है कि मिस्र में पाया गया सूर्य मंदिर आर्यों के दौरान बनाए गए थे, जो उनके अश्वमेघ अश्व के विश्व के अंतिम कोने तक पहुंचे का प्रत्यक्ष प्रमाण है.
मिस्र के लोगों का तो यहां तक कहना है कि धरती पर सभी प्राणी सूर्य देव रा के आंसुओं से पैदा हुए हैं. वहीं, हिंदुओं का कहना है कि सभी प्राणी प्रजापति के आँसुओं से प्रकट हुए हैं.
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