
- डेढ़ घंटे के एग्जा्म पर सहमति जताई
- राज्यों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को दी अपनी प्रतिक्रिया
New Delhi: केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक के बाद, शिक्षा मंत्रालय को दी अपनी प्रतिक्रिया में, 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने CBSE के 12वीं बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के प्रस्ताव का समर्थन किया है. केवल चार राज्यर दिल्ली, महाराष्ट्र, गोवा और अंडमान और निकोबार ने परीक्षाएं न कराने का सुझाव रखा है और छात्रों और शिक्षकों के लिए वैक्सिनेशन की मांग की है. इंडियन एक्सषप्रेस के अनुसार, अधिकांश राज्योंि ने छोटे फॉर्मेट यानी डेढ़ घंटे (90 मिनट) के एग्जायम पर सहमति जताई है.
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परीक्षा के लिए सहमति जताने वाले 32 में से लगभग 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने या तो CBSE के विकल्प B से सहमति जताई है या मामले पर केंद्र के फैसले का समर्थन करने के लिए सहमत हुए हैं. केवल राजस्थान, त्रिपुरा, तेलंगाना ने विकल्प A यानी मौजूदा फॉर्मेट में ही परीक्षा कराने का प्रस्तांव रखा है.
CBSE ने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के लिए शिक्षा मंत्रालय को दो विकल्प प्रस्तावित किए थे. पहले विकल्पम में छात्रों के केवल 19 महत्वहपूर्ण विषयों के पेपर लिए जाने हैं जिसमें परीक्षा का फॉर्मेट और एग्जा म सेंटर पहले जैसे ही रहेंगे. दूसरे विकल्पग में एग्जा म का पैटर्न 3 घंटे से घटकार 1.5 घंटे किया जाना है और छात्रों को अपने ही स्कूेल में परीक्षा देने की अनुमति दी जानी है.
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केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई हाई लेवल बैठक के बाद सभी राज्योंय से 1 सप्तालह के समय के भीतर बोर्ड परीक्षाओं पर अपने सुझाव देने को कहा गया था. अधिकांश राज्य परीक्षाएं कराने के पक्ष में हैं और छोटे फॉर्मेट में परीक्षा लेने के लिए तैयार हैं. केंद्रीय शिक्षामंत्री रमेश पोखरियाल निशंक सभी सुझावों पर विचार के बाद 01 जून को बोर्ड परीक्षाओं की नई डेट्स का ऐलान करेंगे.
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