
Ranchi: गिरिडीह जिला अंतर्गत ब्रह्महिहा ओपेनकास्ट माइंस से 2,000 टन कोयला गायब हो गया है. इस मामले में पुलिस मुख्यालय ने जांच का आदेश दिया है. संतोष सिंह नाम ते एक शख्स ने पुलिस मुख्यालय को ट्वीट करते हुए बताया कि 2 हजार टन कोयला जय मां गायत्री इंटरप्राइजेज के नाम पर जाली कागज दिखाकर गायब हुआ है.
पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लेते हुए मामले की जांच का आदेश दिया है. आदेश के बाद गिरिडीह एसपी ने इस मामले में सदर डीएसपी को जांच करने का निर्देश दिया है.
इसे भी पढ़ें- भारतीय राजदूत की चीन को दो टूकः गलवान पर दावा टिकने योग्य नहीं, बीजिंग तय करे किस दिशा में बढ़ना है
पूर्व CM बाबूलाल मरांडी ने CBI को लिखा पत्र
गिरिडीह जिला से कोयला गायब होने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने CBI को पत्र लिखा है. बाबूलाल ने पत्र में लिखा है कि लॉकडाउन के दौरान माइंस क्षेत्र में कोयला उठाव किया गया. इसकी सूचना कई बार स्थानीय पुलिस को दी गयी. इसके बाद भी आज तक कोयला गायब किया जा रहा है. जो कई सवाल खड़े करता है. मरांडी ने पत्र में लिखा है कि गिरिडीह जिला अंतर्गत ब्रह्महिहा ओपेनकास्ट माइंस में कोयला गायब किया जा रहा है. मरांडी के अनुसार, इस माइंस से 2000 टन कोयला गायब किया गया है. जो एक संगीन मामला है.

गौरतलब है कि बहुचर्चित कोल ब्लॉक आवंटन घोटाले की जांच इस माइंस में भी हो रही है. CBI की ओर से कोलगेट घोटाले की जांच की गयी थी. जिसके तहत इसी माइंस से 16000 टन कोयला को पांच साल पहले जब्त किया था. यह माइंस जिला के मुफस्सिल थाना क्षेत्र टिकोडीह-चुंजका के नजदीक स्थित है. मरांडी के अनुसार इस माइंस से लगातार कोयला गायब किया जा रहा है. जिसके लिये फर्जी कागजात का सहारा लिया जा रहा है. फर्जी कागजात के बल पर ही माइंस क्षेत्र में कोयला उठाव जारी है.
इसे भी पढ़ें- घूस लेते गुड़ाबांधा थाना प्रभारी का वीडियो वायरल, SSP ने किया निलंबित
धीरे-धीरे किया जाने लगा कोयला गायब
मरांडी ने लिखा है कि पांच साल पहले हुई जांच के बाद इस माइंस की जवाबदेही निजी सुरक्षागार्डों को दी गयी थी. जांच सीबीआइ की ओर से 16000 टन कोयला से संबधित था. इसके बाद धीरे-धीरे इसी मांइस से कोयला गायब किया जाना लगा. अब तक लगभग 2000 टन से अधिक कोयला गायब किए जाने की संभावना व्यक्त की गयी है. मरांडी ने लिखा है कि लॉकडाउन अवधि से ठीक पहले भी ऐसा काम क्षेत्र में किया गया. जहां फरवरी महीने में धनबाद की एक कथित कंपनी की ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कई ट्रक कोयला इस माइंस से ढोया.
कंपनी के लोगों ने सीबीआइ से अनुमति मिलने की झूठी बात बतायी. कंपनी के लोगों ने कहा कि सीबीआइ की ओर से कोयला उठाव का आदेश दिया गया है. जिसके बाद दो दिनों तक कोयला उठाव किया गया. लॉकडाउन के दौरान भी कोयला उठाव किया गया. उन्हेांने लिखा है कि कोलगेट घोटाला सामने आने के बाद तीन बार सीबीआइ की टीम इस माइंस की जांच के लिए आ चुकी है. जबकि रांची से दो बार प्रवर्तन निदेशालय की टीम भी पहुंची है.
इसे भी पढ़ें- ट्रंप की रैली में शामिल पत्रकार Corona से पाया गया संक्रमित
बड़े स्तर पर खेल किये जाने की संभावना
मरांडी ने लिखा है कि इसमें कौन लोग शामिल है, यह जांच का विषय है. कोल ब्लॉक आवंटन जैसे बहुचर्चित घोटाला से मामला जुड़ा है. ऐसे में इसमें बड़े स्तर पर खेल किए जाने की संभावना से भी इंकार नहीं किया जा सकता है.
इसमें कोयला के अवैध कारोबारियों व कुछ स्थानीय राजनीतिज्ञों के नापाक गठजोड़ के भी तार आपस में जुड़े होने की चर्चा स्थानीय स्तर पर जोरों से है. हालांकि जांच के बाद ही सारी सच्चाई खुद समाने आ जायेगी. उन्होंने मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई किये जाने की मांग की है.




