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200 बड़ी अमेरिकी कंपनियां चीन को छोड़ भारत आने की तैयारी में  : अमेरिकी सलाहकार समूह

NewDelhi : 2019 के लोकसभा  चुनाव के बाद अमेरिका की 200 से ज्यादा कंपनियां अपनी मैन्युफैक्चरिंग बेस चीन से हटाकर भारत में लगा सकती है. अमेरिका के बड़े सलाहकार समूह का यह कहना है.  सलाहकार समूह के अनुसार इन अमेरिकी कंपनियों को चीन से बढ़िया ऑप्शन भारत में दिख रहा है.

यूएस-इंडिया स्ट्रेटजिक एंड पार्टनरशिप फोरम के प्रेसिडेंट मुकेश आघी के अनुसार भारत में निवेश के लिए कंपनियां उनसे सलाह ले रही हैं. उनका कहना है कि आम चुनाव के बाद बनने वाली नयी सरकार को आर्थिक सुधारों की रफ्तार तेज करनी होगी.

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रिफॉर्म और ट्रांसपैरेंसी पर जोर देना होगा

बता दें कि अमेरिका के दक्षिण और केंद्रीय एशिया मामलों के लिए पूर्व व्यापारिक सहायक प्रतिनिधि मार्क लिनस्कॉट इस समय यूएसआईएसपीएफ में सदस्य के तौर पर काम कर रहे हैं.  इस संबंध मे मुकेश आघी ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि  अगली सरकार को अधिक पारदर्शी  होना चाहिए.

आघी के अनुसार नयी सरकार को अधिक से अधिक निवेश देश में आकर्षित करने के लिए रिफॉर्म और ट्रांसपैरेंसी पर जोर देना होगा. इन कंपनियों के भारत में आने से हजारों नौकरियों के मौके तैयार होंगे मुकेश आघी ने बताया कि भारत को मैनुफैक्चरिंग हब बनाने के लिए उन्होंने एक हाई-लेवल मैनुफैक्चरिंग काउंसिल का गठन किया है.

यह काउंसिल चुनाव पूरा होने तक एक डॉक्यूमेंट तैयार करेगी, जिसमें भारत को मैनुफैक्चरिंग हब बनाने की योजना तैयार है. आघी ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच अगर मुक्त व्यापार समझौता (FTA) होता है तो इससे भारत का निर्यात बढ़ेगा. इससे चीन से आने वाले सस्ते सामान की समस्या खत्म होगी. चीन के सामानों पर प्रतिबंध लगाने के बाद अमेरिका और भारत की कंपनियों को एक-दूसरे देश में बड़ा बाजार मिलेगा.

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