
- 7 दिसंबर से लगातार मुख्यमंत्री से वार्ता की तारीख मिलती रही, लेकिन वार्ता नहीं हुई
- अब परिवार के साथ धरना देने का लिया निर्णय
Ranchi : अधिकारियों के टाल-मटोल रवैये से पंचायत सचिवालय स्वयंसेवक परेशान हैं. मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए पंचायत स्वयंसेवक बार-बार अधिकारियों से समय मांगते हैं लेकिन समय मिलने के बाद भी प्रतिनिधिमंडल मुलाकात नहीं कर पा रहा. ये बातें पंचायत स्वयंसेवक संघ के अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने कहीं.
श्री कुमार ने कहा कि बार-बार तारीख मिलने और वार्ता नहीं होने से लोग परेशान हैं. ऐसे में अब 27 जनवरी से अनिश्चिकालीन धरना का निर्णय लिया गया है. जिसमें सभी जिलों के पंचायत स्वयंसेवक शामिल होंगे.
7 दिसंबर से मुख्यमंत्री से मिलने के लिए तारीख पर तारीख दी जा रही है, लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो रही है. कई तारीखों के बाद 21 दिसंबर को समय दिया गया.
तारीख मिलने पर प्रतिनिधिमंडल नियत समय पर कार्यालय पहुंचा. लेकिन ओएसडी की ओर से कहा गया कि मुख्यमंत्री क्षेत्र भ्रमण में हैं. श्री चंद्रदीप ने कहा कि मुख्यमंत्री के ओएसडी ने प्रतिनिधिमंडल के जाने पर कहा कि आप लोग इस तरह आते रहिये कभी न कभी मुलाकात हो जायेगी.
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7 दिसंबर को किया गया था घेराव
चंद्रदीप कुमार ने बताया कि राज्य भर में पंचायत स्वयं सेवकों की कुल संख्या 18000 है. पिछले तीन साल से अपने प्रोत्साहन राशि समेत अन्य मांगों के लिए प्रयासरत हैं. नयी सरकार बनने के बाद, 7 दिसंबर को स्वयंसेवकों की ओर से मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया गया. जिस दौरान मुख्यमंत्री के ओएसडी ने वार्ता के लिए 8 दिसंबर को बुलाया.
8 दिसंबर को ओएसडी से मिलने पर बताया गया कि मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में हैं. इसके बाद 16 दिसंबर को बुलाया गया. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल सीएम आवास पहुंचे. इस दौरान बताया गया कि समीक्षा बैठक 18 दिसंबर तक है.
जिससे फिर से मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं हो पायी. इसी दिन 21 दिसंबर की तारीख दी गयी. लेकिन इस दिन भी प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात मुख्यमंत्री से नहीं हुई.
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धरना में रहेंगे परिवार के भी सदस्य
चंद्रदीप कुमार ने कहा कि अब संघ के लोग सरकार के पास नहीं जायेंगे. सरकार पंचायत सेवकों से बात करने आयेगी. 27 जनवरी से अनिश्चितकालीन धरना दिया जायेगा. प्रशासन की ओर से अगर इसकी अनुमति नहीं दी जाती है, तो भी धरना किया जायेगा.
जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी. सत्ता में आने के पहले वादा किया गया था कि पंचायत स्वयं सेवकों का मानदेय तय किया जायेगा. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ऐसे में अब लोग आंदोलन के लिए तैयार हैं. जब तक सरकार मांग पूरी नहीं करती तब तक धरना जारी रहेगा.
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