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#ODF का सचः पलामू में खुले में शौच के लिए निकली दो महिला समेत तीन की ट्रेन के धक्के से मौत

Palamu: कहने को तो झारखंड ओडीएफ है. लेकिन ओडीएफ घोषित राज्य की हकीकत सोमवार को पलामू में हुई दुर्घटना बयां कर रही है. जहां खुले में शौच के लिए निकली एक ही परिवार की तीन महिलाओं की मौत हो गयी.

दरअसल, धनबाद रेल मंडल अंतर्गत विश्रामपुर प्रखंड के लालगढ़ रेलवे स्टेशन के पास सोमवार की सुबह ट्रेन की चपेट में आने से दो महिलाओं सहित तीन की मौत हो गयी. जबकि एक महिला बाल-बाल बच गयी.

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सारी महिलाएं एक ही परिवार की थीं. मृतकों में मां-बेटी और गोतनी शामिल है. एक महिला प्रेगनेंट थी. घटना के बाद से परिवार के साथ पूरे गांव में शोक की लहर है. हर कोई इस घटना से हैरान और परेशान है. शवों को पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर पीएमसीएच में भेज दिया गया है.

ODF राज्य में शौच के लिए निकली थीं महिलाएं

जानकारी के अनुसार, सभी महिलाएं एक ही घर से सुबह करीब 4 बजे महिलाएं शौच के लिए निकली थीं. शौच के बाद महिलाएं लौट रही थीं. इसी बीच अप और डाउन ट्रेक से ट्रेन आ गयी. अप ट्रेक से आ रही मालगाड़ी को महिलाओं ने देखा, लेकिन डाउन ट्रेक से आ रही नयी दिल्ली-गरीबरथ एक्सप्रेस को देखना भूल गयी.

अचानक ट्रेन देख एक दूसरे को बचाने में गयी जान

जिस जगह पर घटना हुई, वहां टर्निंग है. अक्सर लोगों को वहां ट्रेनों के आने-जाने के दौरान देखने में परेशानी होती है. महिलाएं जब डाउन ट्रेक पर पहुंची तो उन्हें अचानक गरीबरथ एक्सप्रेस दिखा. चूंकि इस स्टेशन पर गरीबरथ का ठहराव नहीं, इसलिए ट्रेन की स्पीड ज्यादा थी. ट्रेन को एकाएक देखकर महिलाएं एक दूसरे को हटाने और बचाने लगी, जिससे तीनों को झटका लगाया और उनकी मौके पर ही मौत हो गयी. जबकि एक महिला ने किसी तरह रेलवे ट्रेक पार कर अपनी जान बचायी.

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मृतकों में कौन-कौन?

ग्रामीणों के अनुसार, मृतकों में रविन्द्र चौधरी की पत्नी राधा देवी (32वर्ष) और उसकी बेटी रागनी उर्फ ऋचा कुमारी (12वर्ष) और सुरेन्द्र चौधरी की पत्नी किरण देवी (26वर्ष) है, जबकि घटना में बाल-बाल बचने वाली महिला की पहचान सत्यप्रकाश चौधरी की पत्नी निर्मला देवी के रूप में हुई है.

सूचना मिलने पर विश्रामपुर की नवगढ़ा ओपी पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीनगर पीएचसीएच में भेज दिया है. मामले की छानबीन की जा रही है.

पलामू जिला दो वर्ष पूर्व हो चुका है ओडीएफ

गौरतलब है कि पलामू जिला कथित तौर पर खुले में शौच मुक्त हो चुका है. 2 अक्टूबर 2019 को पलामू जिला के ओडीएफ हुए दो वर्ष हो चुके हैं. शौचालयों का निर्माण कागजों पर हुआ है. इसी का नतीजा है कि बड़ी आबादी (महिला-पुरूषों की) आज भी अंधेरे में खुले में शौच के लिए विवश है. लालगढ़ में शौच के लिए निकली महिलाओं की मौत की पहली घटना नहीं है. ऐसी कई घटनाएं अबतक सामने आ चुकी हैं.

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