न्यूज़ विंग
कल का इंतज़ार क्यों, आज की खबर अभी पढ़ें

छठी #JPSC परीक्षा पर हाईकोर्ट ने लिया बड़ा फैसला, केवल 6103 परीक्षार्थी ही पीटी पास

5,227

Ranchi : छठी जेपीएससी परीक्षा पर झारखंड हाईकोर्ट ने सोमवार को बड़ा फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस एचसी मिश्र और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान याचिका को खारिज करते हुए मेंस परीक्षा में प्रारंभिक परीक्षा के सफल सिर्फ 6103 परीक्षार्थियों के ही रिजल्‍ट जारी करने के आदेश दिया है.

गौरतलब है कि जेपीएससी के मेंस परीक्षा के परिणाम पर रोक को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को हाईकोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया. प्रारंभिक परीक्षा में तीन बार संशोधनों के बाद करीब 34 हजार अभ्‍यर्थी सफल घोषित किए गए थे. इस फैसले से झारखंड के हजारों परीक्षार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है.

Sport House

इसे भी पढ़ें – #JPSC: दो साल पहले की अकाउंट ऑफिसर नियुक्ति को किया रद्द अब फिर में मंगाया आवेदन

विज्ञापन की शर्तों में किए गए बदलाव को खारिज कर दिया

हाईकोर्ट सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाईकोर्ट ने छठी जेपीएससी मामले में सरकार के विज्ञापन की शर्तों में किए गए बदलाव को खारिज कर दिया है. अदालत ने निर्देश दिया है कि प्रथम प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम के आधार पर ही मुख्य परीक्षा का रिजल्ट प्रकशित किया जाए.

पहली बार छठी जेपीएससी का परिणाम वर्ष 2017 में आया था. तब करीब 5000 अभ्‍यर्थी पीटी में सफल घोषित किए गए थे. जिसे बाद में हाई कोर्ट के आदेश पर सुधार किया गया था.

Vision House 17/01/2020
Related Posts

#Pakur : लोकतांत्रिक मंच झारखंड की संकल्प सभा में CAA, NRC और NPR का विरोध

नौजवानों ने इंकलाब जिन्दाबाद , एनआरसी, एनपीआर नहीं चलेगा, सीएए को वापस लो...के नारे लगा कर विरोध किया.  गांव के युवा  तिरंगा झंडा लेकर समूह बनाकर सभा स्थल पहुंचे.

इसे भी पढ़ें – #Ranchi: 364 दिन पिंजड़े में रखने वाला बेटा चुनाव में शिबू सोरेन को मुक्त कर देता हैः रघुवर दास

हाई कोर्ट ने फैसले को रखा था सुरक्षित

गौरतलब है कि इससे पहले हाईकोर्ट ने पिछले महीने 17 सितंबर को सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस एचसी मिश्र और जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया.

SP Deoghar

इस संबंध में पंकज कुमार पांडेय ने अपील याचिका दायर कर कहा था कि जेपीएससी ने परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों और शर्त में बदलाव किए हैं. सरकार के आदेश और नियमों का हवाला देते हुए न्यूनतम अंक की अर्हता में बदलाव किया गया.

अंक बदलने के कारण परीक्षा के परिणाम भी बदले और संशोधित परिणाम जारी किया गया. याचिका में कहा गया कि परीक्षा प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों और शर्त में बदलाव नहीं किया जा सकता. इसको लेकर सरकार का कहना था कि छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने इस तरह की अधिसूचना जारी की थी और इस तरह के मामलों को सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया है.

इसे भी पढ़ें – क्या है पत्थलगड़ी का गुजरात-राजस्थान कनेक्शन, समर्थक अभिवादन में ‘जोहार’ की जगह कहते हैं ‘पितु की जय’

Mayfair 2-1-2020

हमें सपोर्ट करें, ताकि हम करते रहें स्वतंत्र और जनपक्षधर पत्रकारिता...

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

You might also like