JharkhandLead NewsRanchi

पंचायतों से अब 2.5 लाख तक की ही योजनाएं स्वीकृत की जा सकेंगी

Ranchi : पंचायतों की वित्तीय शक्ति को आधा किये जाने का आदेश जारी हुआ है. पंचायती राज विभाग, झारखंड ने 15वें वित्त से मिली राशि में से केवल 2.5 लाख रुपये तक की योजनाओं पर ही काम करने को पंचायतों को कहा है.

पंचायतों में इसे लेकर आक्रोश बढ़ रहा है. नये ऑर्डर के मुताबिक अब पंचायतें लाभुक समिति के माध्यम से ढाई लाख रुपये से अधिक खर्च नहीं करेंगी. राज्य में 14वें वित्त आयोग के निर्देश पर पंचायतों को 5 लाख रुपये तक खर्च करने का अधिकार था.

इससे अधिक के लिए टेंडर जारी करने का नियम था. पंचायतें नये आदेश से उलझन में हैं. कह रही हैं कि ग्राम सभा को विधानसभा औऱ लोकसभा से ऊंचा दर्जा दिये जाने की बात कागजी तौर पर भी फेल साबित हो गयी है.

समय के हिसाब से 5 लाख की राशि से अधिक का पावर पंचायत को देने के बजाए इसमें कटौती करके आधा किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है.

इसे भी पढ़ें : स्कूल खुले, पहले दिन रही 40 प्रतिशत तक उपस्थिति, कई निजी स्कूल नहीं खुले, विचार कर रहा प्रबंधन

गाइडलाइन में पेंच

राज्यभर की पंचायतों (त्रिस्तरीय) को जुलाई, 2020 में 15वें वित्त का पैसा आवंटित करना शुरू किया गया. 600 करोड़ से अधिक की राशि पंचायतों को निर्गत की गयी. इसके दो महीने बाद सितंबर तक पंचायतों के पास राशि खर्च किये जाने का गाइडलाइन पहुंचा.

इस अवधि तक 15वें वित्त के पैसे के उपयोग के मामले में पंचायतें हाथ पर हाथ धरे बैठी रहीं. 14वें वित्त के पैसे से पंचायतों को 5 लाख रुपये तक राशि खर्च करने का अधिकार था.

ग्रामीण विकास विभाग (पत्रांक 1350, 07-06-2019) ने भी अपनी पिछली अधिसूचना (अधि 1010, 23-03-2017) में संशोधन कर पंचायतों को 5 लाख रुपये तक का क्रियान्वयन करने का अधिकार दिया था.

राज्य मुखिया संघ के अनुसार राज्यभर की पंचायतों में इसी आधार पर काम हो रहा है. कई जिलों में डीडीसी के स्तर से भी पंचायतों को इतनी ही राशि तक के उपयोग का अधिकार दे रखा है. रांची, सरायकेला खरसावां में ऐसा हो चुका है.

हालांकि किसी जिले में 2.50 लाख रुपये तक ही खर्च किये जाने का भी आदेश पूर्व में जारी किया जा चुका है. इससे भ्रम की स्थिति बन रही है कि पंचायती राज विभाग के पुराने आदेश पर काम हो या जिला स्तर पर जारी आदेश से. इस संबंध में संघ ने अक्टूबर महीने में पंचायती राज मंत्री आलमगीर आलम से स्पष्ट दिशा निर्देश जारी करने की मांग भी की थी.

इसे भी पढ़ें : आम के पेड़ के नीचे पत्तों की सेज पर आराम फरमा रहा था जिदन गुड़िया और आ धमकी मौत

6 महीने से इंतजार

राज्य मुखिया संघ के प्रमुख विकास महतो के अनुसार 15वें वित्त का पैसा आये 6 महीने हो चुके हैं. इस बीच गाइडलाइन को लेकर उलझन औऱ भ्रम की स्थिति सामने आती रही है. पहले 14वें वित्त के अनुसार ही काम किये जाने की बात रही.

अब विभाग ने 2.50 लाख तक की ही योजना पर काम किये जाने को कहा है. समय के साथ ग्राम सभा और पंचायतों को और अधिक सबल किये जाने के बजाये यह कदम उठाया जाना अजीब पहेली है.

ग्राम सभा को और अधिक मान देते हुए उसे अधिक से अधिक हक औऱ वित्तीय पावर दिये जाने की पहल होनी चाहिए. ऐसे में जब पंचायती व्यवस्था महीने भर में राज्यभर में भंग होने जा रही है, इस कदम से उनका मनोबल कमजोर होगा.

इसे भी पढ़ें : लिटरेरिया का सालाना उत्सव: . पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख को निनाद और गौतम चटर्जी को रवि दवे सम्मान

Related Articles

Back to top button