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टाना भगतों के व्यवहार न्यायालय का घेराव मामला: हाई कोर्ट ने सरकार से पूछा, घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए क्या कदम उठाए गए?

सरकार से मांगा अप टू डेट स्टेटस रिपोर्ट

Ranchi. टाना भगतों के द्वारा अक्टूबर 2022 को लातेहार जिला मुख्यालय स्थित व्यवहार न्यायालय का घेराव करते हुए जमकर बवाल किए जाने मामले में कोर्ट के स्वत संज्ञान की सुनवाई झारखंड हाई कोर्ट में हुई. कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार से पूछा है कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं? कोर्ट ने सरकार को अप टू डेट स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त निर्धारित की है. सरकार की ओर से अधिवक्ता पीयुष चित्रेश ने पैरवी की. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस रामचंद्र राव की अध्यक्षता वाली की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की. दरअसल,विभिन्न समाचार पत्रों में छपी खबर के आधार पर मामले में हाई कोर्ट ने अक्टूबर 2022 स्वत संज्ञान लिया था. बता दे कि अक्टूबर 2022 में टाना भगतों की ओर से किए गए पथराव में लातेहार सदर थाना प्रभारी अमित कुमार गुप्ता समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए थे. उग्र प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस और वॉटर कैनन का भी प्रयोग करना पड़ा था. टाना भगतों ने इस दौरान पुलिस की पीसीआर वाहन को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया था. पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए लाठी चार्ज भी किया था.

क्या है मामला

अखिल भारतीय टाना भगत संघ के तत्वावधान में टाना भगतों ने पांचवी अनुसूची के तहत कोर्ट कचहरी बंद करने की मांग को लेकर ही लातेहार व्यवहार न्यायालय का घेराव किया और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारे लगाए थे. घायल पुलिसकर्मियों में थानेदार अमित कुमार गुप्ता, सिपाही सत्यनारायण उरांव, कुमारी अमित लक्ष्मी, अंजू रोज खलखो और मनोरमा कुमारी शामिल थे.

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