
Ranchi: राज्य के आंदोलनकारी सरकारी योजनाओं से वंचित हैं. घर-परिवार चलाना और दो वक्त की रोटी इनकी चुनौती है. ऐसा ही मामला शुक्रवार को ट्विटर में देखने को मिला. जिस पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया है. ट्विटर पर मुख्यमंत्री को बोकारो के आंदोलनकारी जयलाल महतो के टूटे घर की जानकारी दी गयी.
.@BokaroDc कृपया जयलाल महतो जी को उचित मदद पहुँचाते हुए सूचित करें। https://t.co/rKOXP66Eki
— Hemant Soren (घर में रहें – सुरक्षित रहें) (@HemantSorenJMM) October 9, 2020
स्थानीय लोगों की ओर से किये इस ट्वीट में बताया गया कि झारखंड आंदोलनकारी जयलाल महतो का घर बारिश में टूट गया. ट्वीट कर मुख्यमंत्री को यह जानकारी दी गयी. इसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले पर संज्ञान लिया. साथ ही बोकारो डीसी को आदेश दिया कि जयलाल महतो को उचित मदद की जाये. जयलाल महतो बोकारो जिला अंतर्गत पेटरवार के रहने वाले हैं. इस ट्वीट के साथ जयलाल महतो के टूटे घर की तस्वीर और उनके आंदोलनकारी होने के प्रमाण ट्वीट किये गये हैं. साथ ही लिखा गया है कि इनके सामने अपने परिवार और बच्चों को सुरक्षित रखने की समस्या है.
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1998 में गये जेल, आवास योजना का लाभ तक नहीं
ट्विटर पर झारखंड आंदोलन के क्रम में इनके जेल जाने का प्रमाण साझा किया गया है. इन कागजातों से जानकारी मिलती है कि जयलाल महतो तेनूघाट उपकारा में 19 दिसंबर 1998 से 22 दिसंबर 1998 तक रहे थे. उपकारा से बाहर निकलने की तारीख 22 तारीख 1998 बतायी गयी है. साल 2015 में पूर्व सरकार के आदेश पर झारखंड आंदोलनकारी के रूप में इन्हें चिन्हित भी किया गया था.
इस ट्वीट के साथ जानकारी दी गयी है कि इन्हें अब तक किसी योजना का लाभ नहीं मिला है. न ही प्रधानमंत्री आवास योजना और न ही आंदोलनकारियों को मिलने वाले पेंशन का लाभ इन्हें मिलता है.
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