
Kolkata : पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में हार के बाद वहां भारतीय जनता पार्टी के बुरे दिन चल रहे हैं. चुनाव से पहले टीएमसी के कई नेता जो भाजपा में आये थे वे अब धीरे-धीरे वापस टीएमसी में लौट रहे हैं. कुछ माह पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो भाजपा छोड़ कर ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी में शामिल हो गये थे.
अब ताजा मामले में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे के एक महीने के भीतर ही राज्य में भारतीय जनता पार्टी को एक और झटका लगा है. भाजपा के लोकसभा सांसद अर्जुन सिंह कोलकाता में पार्टी महासचिव अभिषेक बनर्जी की मौजूदगी में टीएमसी में शामिल हो गए हैं.हाल ही में भाजपा सांसद ने राज्य नेतृत्व पर आरोप लगाया था कि संगठन में एक वरिष्ठ पद पर रहने के बावजूद उन्हें ठीक से काम नहीं करने दिया जा रहा है.
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क्या कहा अर्जुन सिंह ने
TMC में शामिल होने पर अर्जुन सिंह ने कहा कि जिस राजनीतिक दल में दूसरे की तरफ उंगली दिखाने की कोशिश की जाती है, उसी भाजपा में 2 सांसद TMC के हैं जिन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है. मैं उनसे निवेदन करूंगा कि वे दोनों सांसद इस्तीफा दें. मुझे एक घंटा नहीं लगेगा, मैं इस्तीफा दे दूंगा.
उन्होंने कहा कि बंगाल भाजपा सिर्फ एयर कंडीशनर घर में बैठकर फेसबुक से बंगाल में राजनीति नहीं कर सकती. इसीलिए बंगाल भाजपा का दिन-प्रतिदिन ग्राफ गिर रहा है. जमीन स्तर पर राजनीति करनी पड़ती है.
भाजपा नेता ने शुक्रवार को राज्य नेतृत्व पर निशाना साधते हुए कहा था कि मैं हाल ही में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा जी से मिला था. इस दौरान उन्हें बताया था कि राज्य में संगठन की स्थिति क्या है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में समर्पित कार्यकर्ताओं को कार्य करने नहीं दिया जा रहा है, यहां तक कि मुझे भी एक वरिष्ठ पद पर रहने के बावजूद काम करने का मौका नहीं दिया जा रहा है.
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बंगाल और केरल संगठन में कमियां
वहीं भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने एएनआई को दिए बयान में कहा, मैंने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के सामने अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा कि वह इस बारे में सोचेंगे. भाजपा नेता ने कहा, बंगाल और केरल में भाजपा नेतृत्व में कमियां हैं और यह पूरी पार्टी पर है कि वह उनसे कैसे निपटती है.
एक सांसद होने के नाते, मैं व्यक्तिगत स्तर पर उन कमियों को नहीं देख सकता. वहीं जूट मसले पर उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केंद्र के अंतर्गत आता है, लेकिन उनमें से कुछ पश्चिम बंगाल सरकार के अधिकारियों के अधीन भी आते हैं. मैं आज इस मामले पर उनसे चर्चा करने जा रहा हूं.
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