
Ranchi: झारखंड के पलामू जिले के रामगढ़ थाना और चैनपुर थाना क्षेत्र के बीच हुई मुठभेड़ में गैंगस्टर अमन साव मारा गया. एनकाउंटर के बाद मृतक गैंगस्टर अमन साव की तस्वीर सामने आई है.
झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साव के एनकाउंटर के बाद अपराध जगत में दहशत फैल गया है. व्यपारियों-कारोबारियों ने राहत की सांस भी ली है. पुलिस की सख्ती अब दूसरे गैंगस्टरों पर भी बढ़ने वाली है. खास तौर पर वैसे सरगनाओं पर जो जेल से ही अपना गिरोह चला रहे हैं और लगातार रंगदारी, हत्या, धमकाने जैसे कार्य कर रहे हैं, इसके जरिये गैंगस्टर व उनके गुर्गे करोड़ों की कमाई कर रहे हैं. कोयले के कारोबार व आधारभूत योजनाओं में लेवी वसूलने सहित जमीन की दलाली में भी ये शामिल हैं.
डीजीपी अनुराग गुप्ता ने भी बयान दिया था की ऐसे सरगनाओं की पहचान की गयी है जो जेल से ही आपराधिक संगठन चला रहे हैं, इनमें अमन साव का नाम सबसे आगे था, इसके बाद विकास तिवारी, अमन श्रीवास्तव का काम आगे हैं. यूपी कनेक्शन भी इनके तलाशे जा रहे हैं.
कौन है अमन साव, जिसे मार गिराया गया
झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर अमन साहू के खिलाफ राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी जांच कर रही थी. एनआईए ने कई मामलों में उनके ठिकानों पर छापा भी मारा था. लॉरेंस बिश्नोई गैंग से इसके संबंध होने की बात थी. यानि, इस बड़े गैंगस्टर के पांव न सिर्फ झारखंड में नहीं बल्कि दूसरे राज्यों में भी फैले थे.
कई जिलों में फैला है नेटवर्क
अमन साहू का नेटवर्क धनबाद, रांची, रामगढ़, हजारीबाग, पलामू, लातेहार, बोकारो जिलों में अधिक फैला था. लोहरदगा, लातेहार के इलाकों में भी इसकी धमक थी. साहू के रडार पर कोल माइनिंग कंपनियां, कोयला व्यवसायी और ट्रांसपोर्ट फील्ड के बिजनेसमैन रहते हैं. साहू इनको अपना टारगेट बनाकर इनसे रंगदारी की मांग करता था और जो उसकी बात नहीं मानता उसके गुर्गे उसे गोलियों से भून देते हैं.अब इसके मौत से इस नेटवर्क को गहरा झटका लगा है.




