
Ranchi : किसानों और श्रमिकों को लेकर संसद में जो संशोधन बिल पारित किया गया, उसे लेकर आज जनजातीय परामर्शदातृ परिषद के पूर्व सदस्य रतन तिर्की, सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व सलाहकार बलराम जी, फिया फाउंडेशन के स्टेट हेड जोनसन टोपनो, ग्राम स्वराज अभियान के सौरभ कुमार और आक्सफैम की सपना सुरीन ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. और ज्ञापन सौंपा. इसके अलावे प्रतिनिधिमंडल ने ट्राईब एडवाइजरी काउंसिल (टैक) और ट्राईबल सब प्लान को लेकर बातचीत की.
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प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि किसान और मजदूरों के हितों को दरकिनार कर संविधान वर्णित प्रावधानों और अधिकारों को कमजोर करने की साजिश की गई है. साथ ही संघीय ढांचे को भी कमजोर किया गया है.
बलराम जी ने कहा कि नव उदारवादी नीतियों को बढ़ाते हुए पूंजीपतियों को बढ़ावा देने के लिए किसानों और मजदूरों को हाशिये पर रखा गया है.
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रतन तिर्की ने कहा कि कृषि और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के हितों को दरकिनार किया गया. इन्होंने मुख्यमंत्री को बताया कि किसान आत्महत्या कर रहे हैं. इस संशोधन से किसान खेती छोड़ मजदूरी करने को विवश होंगे.
मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त करते हुए कहा कि हम इन नीतियों के बारे में जरूर बतायेंगे कि मजदूरों और किसानों की जिंदगी इससे प्रभावित होगी. सम्मान के साथ जीने के अधिकार को लेकर झारखंड सरकार हमेशा प्रतिबद्ध रहेगी.
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