
Ranchi : झारखंड सरकार ने पहली बार आदिवासी समुदाय के स्टूडेंट्स को विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए छात्रवृत्ति देने की घोषणा की है. यह घोषणा खासकर अनुसूचित जनजाति के उन मेधावी छात्रों के लिए है, जो पैसों के अभाव में आगे की पढ़ाई नहीं पढ़ पाते हैं. इस छात्रवृत्ति योजना का लाभ ब्रिटेन और आयरलैंड के विश्वविद्यालयों में 22 कोर्स में दाखिला के लिए मिलेगा. भविष्य में विश्व के विभिन्न देशों के विश्वविद्यालयों को भी सरकार इसमें शामिल करेगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही इसकी घोषणा की थी और अब कैबिनेट में इसकी मंजूरी देकर उन्होंने नये वर्ष से पहले ही आदिवासी समुदाय के स्टूडेंट्स को बड़ा तोहफा दिया है. इस फैसले के बाद अनुसूचित जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को विदेश में पढ़ाई के साथ-साथ वहां रहने की भी व्यवस्था सरकार की ओर से की जायेगी.
झारखंड सरकार की इस योजना के तहत अब हर वर्ष झारखंड के 10 एसटी स्टूडेंट्स को उच्च शिक्षा, मास्टर्स डिग्री एमफिल के लिए छात्रवृत्ति प्रदान की जायेगी. इसके तहत 10 हजार पौंड छात्रवृत्ति राशि होगी, 1200 पौंड आकस्मिक खर्च के लिए दिये जायेंगे और कई अन्य सुविधाएं भी होंगी. योजना के तहत वीजा बनवाने, हवाई यात्रा का खर्च, अन्य यात्राओं पर व्यय के हिसाब से वास्तविक लागत स्टूडेंट्स को दी जायेगी.
‘गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना’ है नाम
इस योजना का नाम ‘गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति योजना’ रखा गया है. इस छात्रवृत्ति योजना के तहत प्रत्येक वर्ष 10 मेधावी आदिवासी छात्र-छात्राओं का चयन किया जायेगा. उसके बाद उन्हें विश्व के अग्रणी विश्वविद्यालय में चयनित कोर्स के लिए छात्रवृत्ति दी जायेगी. इसमें मास्टर और एमफिल के फुल डिग्री प्रोग्राम कोर्स में छात्रवृत्ति मिलेगी.
ब्रिटेन और आयरलैंड के 15 विश्वविद्यालय शामिल हैं सूची में
राज्य सरकार ने फिलहाल ब्रिटेन और आयरलैंड के 15 विश्वविद्यालयों का चयन किया है, जहां झारखंड के अनुसूचित जनजाति के छात्र-छात्राएं एडमिशन ले सकेंगे, जिसके लिए सरकार उन्हें छात्रवृत्ति देगी.
ये विश्वविद्यालय हैं-
• यूनिवर्सिटी ऑफ ऑक्सफोर्ड
• यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज
• इंपीरियल कॉलेज लंदन
• यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन
• लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस
• यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबर्ग
• किंग्स कॉलेज लंदन
• एसओएएस यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन
• यूनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर
• यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिस्टल
• यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक
• यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग
• यूनिवर्सिटी ऑफ सुसेक्स
• वोर्माउथ यूनिवर्सिटी
• लगबार्ज यूनिवर्सिटी
ऐसे ले सकेंगे एडमिशन
प्रत्येक वर्ष सरकार की ओर से विज्ञापन प्रकाशित किया जायेगा. इसके बाद अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन भर सकेंगे. इसके बाद आवेदनों की जांच के लिए आदिवासी कल्याण आयुक्त की अध्यक्षता में टीम गठित की जायेगी. सभी अभ्यर्थियों के आवेदन जांच कर शॉर्टलिस्ट किये जायेंगे. इसके बाद शॉर्टलिस्ट किये गये अभ्यर्थियों को इंटरव्यू के लिए आमंत्रित किया जायेगा. इसके बाद मेरिट लिस्ट के अनुसार 10 योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जायेगा. साथ ही पांच ऐसे अभ्यर्थियों का चयन होगा, जो वेटिंग लिस्ट में होंगे. चयनित अभ्यर्थियों को विदेश के विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने के लिए दो निरंतर शैक्षणिक वर्ष का समय दिया जायेगा. इन दो वर्षों में अगर वे नामांकन नहीं ले पाते हैं, तो उनका चयन स्वतः समाप्त हो जायेगा.




