
सत्य प्रकाश प्रसाद
Ranchi: कोल्हान विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एवं वर्तमान में निजी विश्वविद्यालय वाइबीएन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ शालील रॉय का नया कारनाम उजागर हुआ है. डॉ शालील रॉय विश्वविद्यालय में रहते रिम्स में योगदान दे रहे हैं.
रिम्स में एडवाइजर और वाइबीएन के कुलपति
रिम्स में एडवाइजर के तौर पर वे कार्यरत हैं तथा वहां से आर्थिक लाभ ले रहे हैं. वहीं वाईबीएन यूनिवर्सिटी के अस्तिव में आने के बाद से ही वहां वे कुलपति के पद पर कार्यरत्त हैं. डॉ रॉय 22 अगस्त 2017 से वाइबीएन यूनिवर्सिटी के कुलपति पर कार्यरत हैं तथा अपने कार्यकाल में ही उन्होंने रिम्स में एडवाइजर के रूप में रिम्स की कई निमावली बनाने के कार्य कर रहे हैं.
वाइबीएन और रिम्स प्रशासन को नहीं है जानकारी
ज्ञात हो कि वे कोल्हान विश्वविद्यालय के कुलपति के पद से सेवानिवृत हुये थे. इसके बाद उन्होंने वाइबीएन यूनिवर्सिटी में योगदान दिया है. वाइबीएन यूनिवर्सिटी के प्रबंधन के अनुसार डॉ रॉय विश्वविद्यालय को बिना सूचना के रिम्स में योगदान दे रहे हैं. वहीं रिम्स प्रशासन को भी इसकी जानकारी नहीं है कि डॉ रॉय किसी विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में वर्तमान में योगदान दे रहे हैं.

क्या कहते हैं वाइबीएन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ शलील रॉय?
वाइबीएन यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ शलील रॉय ने न्यूज विंग को बताया कि वर्तमान में वे रिम्स में योग्यदान तो दे रहे हैं, लेकिन उन्होंन वाइबीएन यूनिवर्सिटी से अवकाश ले लिया है. रिम्स का कार्य खत्म होने के बाद वे विश्विद्यालय में पुन: योगदान देंगे.
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