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Ranchi: 410 करोड़ की बड़ी धनराशि देने के बाद भी11 बिल्डरों के नाम अब तक स्मार्ट सिटी में जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई. फरवरी माह में ही राज्य मंत्रिपरिषद ने स्मार्ट सिटी एरिया के लिए एचईसी से ली गयी जमीन के बदले बकाया 2.48 करोड़ से अधिक की राशि के भुगतान की सहमति दी थी. राशि मिलने के बाद एचईसी कंपनी द्वारा इन प्लॉटों की रेक्टीफाई करके स्मार्ट सिटी को हैँडओवर करना और इसके बाद स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन संबंधित बिल्डरों के नाम जमीन की रजिस्ट्री करता, लेकिन तीन माह बाद भी यह प्रक्रिया में ही है.
अधिकारियों के अनुसार यह प्रयास हो रहा है कि जुलाई माह तक जमीन निबंधन करा दिया जाये. इधर,सूत्रों का कहना है कि बड़ी राशि के भुगतान के बावजूद अब तक जमीन रजिस्ट्री नहीं होने की वजह से कई बिल्डरों द्वारा ब्याज राशि की भी मांग शुरू की जा रही है. उनका कहना है कि पैसा पहले देने के बाद जमीन मिलने की वजह से उन्हें ब्याज का काफी नुकसान उठाना पड़ा. दरअसल, राज्य सरकार ने एचईसी से स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट के लिए 656 एकड़ से अधिक की भूमि ली थी, जिसके बदले एचईसी को राशि मुहैया कराया गया। जमीन प्राप्त होने के बाद स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन ने कुल 51 प्लॉट में ऑक्शन प्रारंभ किया. जिसके बाद 11 प्लॉट की नीलामी संपन्न हुई.
इसके बदले बिल्डरों ने राज्य सरकार को करोड़ों की राशि का भुगतान किया. लेकिन, लगभग एक साल बीतने के बाद भी अभी तक बिल्डरों को जमीन ट्रांसफर नहीं हो सकी. जमीन नहीं मिलने से बिल्डरों ने सरकार के समक्ष भी दवाब भी बनाया था और कहा था कि जब जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई तो उनके द्वारा प्रोजेक्ट शुरू करने में देरी भी होगी. हालांकि, इन जमीन कुछ जमीन ऐसी थी जिसका सही कागज स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन को नहीं मिला. कुछ जमीन प्लांट के अंदर की भी हस्तांतरित कर दी गयी. इसके बाद स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन ने एचईसी प्रबंधन के साथ बैठक कर मसले हल निकाल कर उपर्युक्त जमीन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया. इसके बाद एचईसी ने बकाया भुगतान करने की शर्त रखी. एचईसी कंपनी की शर्त के कारण नगर विकास विभाग ने बकाया भुगतान के लिए प्रस्ताव तैयार किया जिसके बाद कैबिनेट ने 2.48 करोड़ भुगतान की मंजूरी थी.
इन प्लॉटो पर बनना है भवन
छह प्लॉट आवासीय हैं
तीन प्लॉट-मिक्स हैं. यानि वाणिज्यक या आवासीय दोनों तरह के भवन बनेंगे.
दो प्लॉट- शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए दी गयी है.
इन्हें दी गयी जमीन
आवासीय-1 ,5.47 एकड़ भूमि, कंपनी मालती रेसीडेंसी इंफ्रा.प्रोजक्ट
आवासीय-2, 5 एकड़ भूमि, मनीकरण एक्सेल
आवासीय-3, 11.57 एकड़ भूमि, चेलसी रियल इस्टेट।
आवासीय-4, 11 एकड़, बिग रियलटर्स
आवासीय-6, 11.65 एकड़, चैलसी रियल इस्टेट
आवासीय-7, 7.5 एकड़, बिग रियलटस्र
मिक्स यूज-4, 2.16 एकड़, चैलसी रियल इस्टेट
मिक्स यूज-1.9 एकड़, मालती रेसीडेंसी इंफ्रा प्रोजेक्ट
मिक्स यूज- 2.18 एकड़, मनीकरण एक्सेल
410 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है इन प्लॉट की नीलामी
6 आवासीय प्लॉट और तीन मिक्स यूज प्लॉट्स मिलाकर लगभग 58 एकड़ जमीन की नीलामी संपन्न हुआ है. जिसमें स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन रांची को लगभग 410 करोड़ रुपए राजस्व के रूप में प्राप्त होगा. देश के 100 शहरों में भोपाल के बाद रांची दूसरा स्मार्ट सिटी है जिसके द्वारा बाजार से इतनी बड़ी राशि पहले चरण में ही राजस्व के रूप में प्राप्त की गई है जबकि मात्र 9 प्लॉट्स का ही अब तक ऑक्शन हो पाया है. इससे पहले भोपाल ने भी लगभग ढाई सौ करोड़ रूपया अपन से राजस्व के रूप में बाजार से प्राप्त किया था.




