
Garhwa: गढ़वा समाहरणालय में टेंडर डालने के क्रम में घमासान होने की जानकारी मिली है. झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं पर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है. साथ ही मोबाइल और टेंडर का पेपर लूटे जाने की शिकायत दर्ज करायी गयी है, जिसमें टी-शर्ट फाड़ देने और गवाही देने वालों को भी धमकी देने की जानकारी दी गयी है.
जानकारी के अनुसार गढ़वा समाहरणालय में ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल भाग 2 के द्वारा दो टेंडर निकाला गया था, जिसकी लागत लगभग 2 करोड़ है. 91 लाख की पुलिया और 95 लाख की पीसीसी सड़क का टेंडर निकाला है.
रंका और रमकंडा में पुलिया और रमकंडा में पीसीसी सड़क का निर्माण किया जाना है. रंका से सुरेश पांडेय, उनके पुत्र चिरंजीवी पांडेय और धर्मेन्द्र दुबे उर्फ छोटू दुबे उसी काम के लिए टेंडर डालने के लिए रंका से गढ़वा आये हुए थे.
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सुरेश पांडेय, उनके पुत्र चिरंजीवी पांडेय ने कहा कि पेपर जमा करने जाने के क्रम में झामुमो के जिला प्रवक्ता धीरज दुबे, नितेश सिंह और अन्य 25 लोग उनके पास आकर टेंडर डालने से मना करने लगे. नहीं मनाने पर उनके साथ मारपीट की गयी. जमीन में गिरा दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई. सुरेश पांडेय धर्मेन्द्र दुबे और अपने पुत्र को लेकर गढ़वा एसपी से मिले तो एसपी ने थाना में आवेदन देने के लिए कहा. साथ ही कारवाई करने के लिए बात कही.
भुक्तभोगी पिता-पुत्र ने आरोप लगाया कि झामुमो कार्यकर्ता सत्ता में नशे में चूर हो गए हैं. झामुमो के कार्यकर्ता कोई भी टेंडर डालने नहीं दे रहे हैं. उनलोगों का साफ कहने का मतलब है कि कोई भी टेंडर होगा तो सिर्फ झामुमो का ही होगा और ये लोग झामुमो पार्टी की छवि धूमिल कर रहे हैं.
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