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चेंबर ने मंत्री को बजट के लिए दी सलाह, संथाल में उद्योग और पर्यटन की संभावनाओं पर दिया जाये ध्यान

दुमका, साहेबगंज, पाकुड़ को टेक्सटाइल पार्क के लिए बताया उपयुक्त

Ranchi : चेंबर सदस्यों ने बुधवार को वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव से मुलाकात की. इस दौरान चेंबर सदस्यों ने मंत्री को बजट के लिए सुझाव दिया. सुझाव में विभिन्न पहलुओं को शामिल किया गया. जिसमें ऊर्जा, उद्योग, पर्यटन, ट्रांसपोर्ट, विधि व्यवस्था, स्टार्टअप, नगर निगम और नगर विकास, शहरी विकास, स्वास्थ्य, परिवहन को शामिल किया गया.

वहीं आधारभूत संरचना और भूमि को भी शामिल किया गया. चेंबर महासचिव राहुल मारू ने कहा कि बजटीय सुझाव में कई सेक्टरों को शामिल किया गया है. कुछ पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि ऊर्जा राज्य के विकास के लिए महत्पूर्ण है.

लेकिन जेबीवीएनएल न अपना घाटा कम कर पा रहा है और न लोगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध करा रहा है. ऐसे में चेंबर की शुरू से मांग है कि बिजली वितरण प्रोफेशनल हाथों में दिया जाये. जैसा अन्य राज्यों में होता है.

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संथालपरगना में ट्राइबल टूरिज्म की संभावनाएं

सुझाव के विषयों में संथालपरगना पर जोर दिया गया. जिसमें मुख्य रूप से उद्योग और पर्यटन शामिल थे. चेंबर की ओर से दिये मेमोरेंडम में संथालपरगना में ट्राइबल टूरिज्म और टेक्सटाइल पार्क बनाने की मांग की गयी.

इसमें लिखा है कि केंद्र सरकार की ओर से सात टेक्टसटाइल पार्क बनने की घोषणा की गयी है. ऐसे में संथालपरगना के दुमका, साहेबगंज, पाकुड़ क्षेत्र में टेक्सटाइल पार्क उपयुक्त हो सकता है. वहीं प्रत्येक जिला में स्टार्ट अप उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 25 एकड़ जमीन लैंड बैंक में दिया जाये. संथालपरगना का जिक्र करते हुए चेंबर ने लिखा की संथालपरगना में पर्यटन की संभावनाएं हैं.

यहां बाबा बासुकीनाथ, बैद्यनाथ धाम आदि पर्यटन और धार्मिक स्थल हैं. जहां लोगों का आना-जाना लगा रहता है. ऐसे में जरूरी है कि इस क्षेत्र को ट्राइबल टूरिज्म के रूप में विकसित किया जाये.

औद्योगिक गतिविधियों की समीक्षा

चेंबर सदस्यों ने मांग की है कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों की समीक्षा की जानी थी. इसके लिए अलग से बजटीय प्रावधान भी होने चाहिए. साल 2020-21 के लिए भी बजटीय प्रावधान किया गया था. लेकिन कोविड 19 के कारण इस पर अमल नहीं हो पाया.

चेंबर सदस्यों ने मंत्री से मुलाकात करते हुए कहा कि इस वित्तीय वर्ष से औद्योगिक समीक्षा को सख्ती से लागू किया जाये. वहीं स्वास्थ्य में गंभीर बीमारियों के बजटीय प्रावधानों पर अधिक बल देने की मांग की.

ग्रामीण इलाकों में ग्रामीण हेल्थ सेंटर के लिए अलग से बजटीय प्रावधान किया जायें. साथ ही सरकारी अस्पतालों में मैन पावर, संसाधन बढ़ाने की सलाह दी गयी. श्री मारू ने बताया कि चेंबर के सुझाव पर मंत्री ने सकारात्म निर्णय लेने का आश्वासन दिया.

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