
Ranchi : मेंटॉस के विज्ञापन में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का वीडियो क्लिप लगानेवाले सरबप्रीत सिंह को झारखंड हाइकोर्ट से राहत मिली है. हाइकोर्ट ने उसके खिलाफ पूरे केस को यह कहते हुए निरस्त कर दिया किया कि यह आपराधिक मामला नहीं है. साइबर पुलिस ने रांची मेल नाम के वेबसाइट चलाने वाले सरबप्रीत को मेंटॉस कंपनी की शिकायत पर गिरफ्तार किया था और उसे जेल भेजा गया था. सरबप्रीत पर साइबर अपराध की कई धाराएं लगायी गयी थीं. उस पर कॉपीराइट और ट्रेड वायलेशन जैसे आरोप लगे थे. बताया जा रहा है कि उसने वेबसाइट में एक वीडियो डाला था जिसमें पूर्व सीएम रघुवर दास के वक्तव्य और क्लिपिंग को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया था.
उसने पुलिस के अधिकारियों को बताया था कि वह स्टार्टअप इंडिया के तहत राज्य के लिए काम करता रहा है. वह आईटी डिपार्टमेंट के कई कार्यक्रमों में स्पीच दे चुका है. अप्रैल फूल बनाने के लिए उसने यह क्लिप लगाया था.
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उसने सोचा था कि अधिक लाइक मिल जाने के बाद उसे हटा देगा. लेकिन मेंटॉस कंपनी के द्वारा इसे कॉपीराइट एक्ट का उल्लंघन और ट्रेड वायलेशन का मामला बताते हुए साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी.
साइबर थाना की पुलिस ने चुटिया के गणपत नगर निवासी सरबप्रीत को गिरफ्तार किया था, उसी दिन उसे जेल भेजा गया था. प्रार्थी की ओर से पांडे नीरज राय ने पैरवी की.
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