
Rahul Guru
Ranchi : झारखंड में स्कूली शिक्षा की हालत ऐसी है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी तो है ही स्टूडेंट्स की संख्या भी घटी है. शिक्षा विभाग के आंकड़े बताते हैं कि जहां 2017-18 में राज्य में 49 हजार स्कूल थे. वहीं, साल 2019–20 में स्कूल की संख्या घट कर 45 हजार हो गयी. वहीं प्राइमरी से हाइयर सेकेंडरी स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या बीते साल के मुकाबले 12,8367 कम हुए हैं. इन सालों में राज्य सरकार ने स्कूलों में शिक्षकों की संख्या, स्टूडेंट्स की संख्या बढ़ाने को लेकर जो कदम उठाये हैं वो काफी नहीं है. अब भी राज्य के स्कूलों को 39408 शिक्षकों की नियुक्ति का इंतजार है.
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यह बात राज्य सरकार की ओर से विधानसभा में प्रस्तुत किये गए आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट कह रही है. रिपोर्ट के आंकडे बताते हैं कि पिछले दो साल में राज्य में स्कूलों की संख्या में 7.4 फीसदी की गिरावट आयी है. रिपोर्ट बताती है कि राज्य में 43 प्रतिशत स्कूलों में केवल दो टीचर हैं. केवल 15 फीसदी स्कूलों में ही 5–6 या इससे अधिक टीचर हैं.
हर स्तर के स्कूलों में कम हुआ एडमिशन
राज्य सरकार के स्कूलों में एडमिशन की बात करें तो हर स्तर के स्कूलों में साल 2018-19 के मुकाबले 2019-20 में कमी हुई है. प्राइमरी स्कूलों में साल 2018-19 में 4022718 एडमिशन हुए थे जो 2019-20 में घट कर 3885864 हो गया. अपर प्राइमरी स्तर पर साल 2018-19 में 2000129 एडमिशन हुए थे. जो 2019-20 में घट कर 1986400 रह गया. एलिमेंटरी स्तर पर साल 2018-19 में 6022847 एडमिशन हुए ये साल 2019–20 में घट कर 5872264 हो गए. सेकेंडरी स्तर पर साल 2018-19 में 969215 एडमिशन हुए थे यह साल 2019-20 में 965599 हो गया. केवल हायर सेकेंडरी लेबल में एडमिशन में बढ़ोतरी हुई है. यहां साल 2018-19 में 624620 हुए थे जो साल 2019-20 में बढ़कर 650452 हो गए. जबकि ओवरआल देखें तो साल 2018-19 के मुकाबले साल 2019-20 में 12,8367 कम एडमिशन हुए.
39 हजार शिक्षकों के अब भी पद रिक्त
रिक्त पदों की बात करें तो प्राथमिक स्कूलों में 17835, मध्य विद्यालयों में 4893,उच्च विद्यालय में 13616 और प्लस टू स्कूल में 3064 पद रिक्त हैं. वहीं राज्य में जितनी बार भी शिक्षकों की नियुक्ति हुई है, सीटें रिक्त ही रह गयी हैं. साल 2008 में हुई 4500 पदों की नियुक्ति में 491 पद ही भरे. इसी तरह साल 2010 में 2300 पद में 700 पद रिक्त रहे. साल 2012 में 562 पद रिक्त रह गये. साल 2015 में 250 पद में 168 शिक्षक ही नियुक्त हुए. साल 2017 की नियुक्ति में 513 में 200 और साल 2018 की 3080 पद के मुकाबले 1500 शिक्षकों की ही नियुक्ति हो सकी.
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