
Ranchi : स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने दी इंटरनेशनल यूनियन अगेंस्ट ट्यूबरकुलोसिस एंड लंग डिजीज (द यूनियन), नयी दिल्ली द्वारा आयोजित कार्यशाला में हिस्सा लिया. यह कार्यशाला तंबाकू के उपयोग को कम करने हेतु विश्व स्वास्थ्य संगठन के एम पावर की नीतियों के क्रियान्वयन पर आयोजित की गयी थी. यह तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला है जिसका उद्घाटन स्वास्थ्य मंत्री ने किया, जहां उन्होंने पूरे देश में तंबाकू के खिलाफ अभियान चलाकर बच्चों, अवयस्कों और युवा वर्ग के लोगों को तम्बाकू की लत से बचाये जाने का आवाहन किया.
इस कार्यशाला में देश भर के 20 राज्यों से राज्य तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के अधिकारी, राज्य और जिला नोडल पदाधिकारियों सहित तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम, गैर सरकारी संगठन, शिक्षाविद और तंबाकू नियंत्रण में काम करने वाले शोधकर्ता सहित 100 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया.
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बन्ना गुप्ता ने कहा कि भारत में लगभग हर साल 13 लाख लोगों की मौत तंबाकू से होने वाली बीमारियों की वजह से हो रही है. भारत में कैंसर से मरने वाले 100 रोगियों में से 40 रोगी तम्बाकू सेवन के कारण मरते हैं. लगभग 90 प्रतिशत मुंह का कैंसर तम्बाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों में होता है.

उन्होंने बताया कि राज्य में तम्बाकू सेवन करने वालों कr संख्या 50.1 फीसदी से घटकर 38.9 फीसदी हो गयी है. राज्य में तम्बाकू सेवन करने वालों में कमी आना यह दर्शाता है कि सरकार के विभिन्न विभागों, स्वयं सेवी संस्थानों एवं अन्य हितधारकों के द्वारा तम्बाकू नियंत्रण की दिशा में सफल और सार्थक प्रयास किया जा रहा है.
झारखंड में राज्य सरकार के तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में GO-NGO collaboration पर प्रकाश डालते हुए बन्ना गुप्ता ने कार्यक्रम के उद्देश्यों को लागू करने में सहयोगी संस्थान सीड्स के योगदान की सराहना की.
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उन्होंने कहा पिछले कुछ वर्षों में दी यूनियन और सीड्स के तकनीकी सहयोग से तम्बाकू नियंत्रण के क्षेत्र में झारखण्ड ने अपनी एक अलग पहचान बनायी है.
स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त डीडीजी डॉ स्वास्तिचरण ने प्रतिभागियों को इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में एनटीसीपी के तहत तंबाकू के उपयोग को कम करने और राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण लक्ष्यों को पूरा करने के लिए एमपावर रणनीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला.
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सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने झारखंड और बिहार राज्य में धूम्रपान मुक्त कानूनों के कियान्वयन पर केस स्टडी साझा करते हुए कोटपा 2003 के प्रावधानों को लागू करने में आ रही समस्याओं पर प्रकाश डाला . उन्होंने बताया कि अब तक झारखंड के 6 जिले और बिहार के 19 जिलों को धूम्रपान मुक्त घोषित किया गया है.
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के डॉ एल स्वास्तिचारण, दी यूनियन इंटरनेशनल के उपनिदेशक आशीष पांडेय, दी यूनियन दक्षिण पूर्व एशिया के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. के.एस. सचदेवा, क्षेत्रीय उपनिदेशक डॉ राणा जे सिंह, तम्बाकू निंयत्रण के वरिष्ठ योद्धा डॉ प्रकाश चंद्र गुप्ता, अमित यादव, प्रणय लाल , सीड्स के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा एवं विभिन्न राज्यों से तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम से जुड़े 100 से ज्यादा प्रतिभागी उपस्थित थे.
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