
Ranchi: चतरा, गुमला, लोहरदगा, लातेहार, गढ़वा और पलामू झारखंड के छह ऐसे जिले हैं, जहां की 13 विधानसभा में पहले चरण में मतदान होना है. लेकिन पूर्ण बहुमत वाली सरकार ने रोजगार सृजन का ख्याल इन जिलों में किया ही नहीं.
झारखंड सरकार के श्रम नियोजन विभाग के आंकड़े बताते हैं इन छह जिलों में बेरोजगार युवाओं की कुल संख्या 39300 है. जबकि इन छह जिलों से हर साल औसतन 12 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ग्रेजुएट होकर निकलते हैं. जबकि छह जिले में स्नातक डिग्री धारी बेरोजगारों की संख्या 10 हजार के करीब है.
इन बेरोजगारों के पास मीडिल क्लास से लेकर पीजी तक की डिग्री है. इन छह जिलों में सर्वाधिक बेरोजगारों की संख्या पलामू व गढ़वा जिला में है. आश्चर्य की बात है कि इन पांच सालों में न तो सरकार ने जिला स्तर पर नियुक्ति की और न ही 150करोड़ रुपये खर्च कर आयोजित किये गये मोमेंटम झारखंड से प्राइवेट कंपनियों ने रोजगार दिये.
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चतरा में इंटर पास बेरोजगारों की संख्या सबसे अधीक
सरकार की ओर से रोजगार देने के वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के बाद भी आलम यह है कि चतरा जिले में बेरोजगार युवक-युवतियों की संख्या 3051 है. जबकि यहां से हर साल इसमें इंटर पास बेरोजगारों की संख्या सबसे ज्यादा है.
यहां से 906 लोग ऐसे हैं, जिन्होंने इंटर पास करने के बाद बतौर बेरोजगार सूची में रजिस्ट्रेशन कराया है. चतरा जिले में पांच साल में रोजगार सृजन के शायद ही कोई उपाय किये गये हैं.
बेरोजगारों के आंकड़े यहां काफी डराते हैं. आंकड़ों के मुताबिक यहां रोजगार की तलाश के लिए रजिस्टर्ड युवाओं की कुल संख्या 3051 है. इसमें मीडिल पास की संख्या 31 है. 10 वीं पास रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 802 है. इसमें महिलाओं की संख्या 94 है. इसी तरह 12 वीं रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 906 है. इसमें महिलाओं की संख्या 144 है.
ग्रेजुएट रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 712 है. इसमें महिलाओं की संख्या 99 है. पीजी पास रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 70 है. इसमें महिलाओं की संख्या 07 है. आइटीआइ किये हुए रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 197 है. अन्य योग्यताधारी रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 42 है. इसी तरह विभिन्न तरह के डिप्लोमा धारी रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 291 है. इसमें महिलाओं की संख्या 40 है.
रोजगार के इंतजार में गुमला के 6274 बेरोजगार
गुमला भी ऐसा ही जिला है जो बीते पांच साल से रोजगार के विभिन्न स्वरूप की आस लगाये बैठा है. यहां पढ़े लिखे लोगों की संख्या अच्छी खासी है, जो रोजगार की तलाश कर रहे हैं. यहां भी सरकार की ओर से ब्लॉक स्तर पर भी किसी तरह की नौकरी लोगों को नहीं दी गयी है.
बेरोजगारी के आंकड़ों के मुताबिक गुमला जिले में मीडिल से पीजी तक की पढ़ाई किये हुए उम्मीदवारों की संख्या 6274 है. जिसमें मीडिल पास लोगों की संख्या 248 है. इसमें महिलाओं की संख्या 72 है.
इसी तरह 10वीं पास रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 1459 है. इसमें महिलाओं की संख्या 380 है. 12वीं पास रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 2090 है. इसमें महिलाओं की संख्या 769 है.
ग्रेजुएट रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 1266 है. इसमें महिलाओं की संख्या 515 है. पीजी किये हुए रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 92 है. इसमें महिलाओं की संख्या 48 है.
आइटीआइ किये हुए रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 394 है. इसमें महिलाओं की संख्या 18 है. डिप्लोमा कोर्स किये रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 721 है. इसमें महिलाओं की संख्या 411 है. अन्य कोर्स किये हुए रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 49 है. इसमें महिलाओं की संख्या 25 है.
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लोहरदगा में हैं 4136 बेरोजगार
खनिज संपदा से परिपूर्ण लोहरदगा की धरती पांच साल गुजर जाने के बाद भी रोजगार के विभिन्न आयाम की तलाश कर रही है. यहां न तो किसी तरह की कंपनियां खुली और ही पर्यटन के क्षेत्र में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सका है.
बेराजगारी के आंकड़े इस जिले को झकझोर के रख देते हैं. यहां कुल पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 4136 है. जिसमें मीडिल पास रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 76 है. इसमें महिलाओं की संख्या 15 है. 10वीं पास लोगों की संख्या 1272 है. इसमें महिलाओं की संख्या 477 है.
12वीं पास लोगों की संख्या 1403 है. इसमें महिलाओं की संख्या 392 है. स्नातक किये हुए पंजीकृत लोगों की संख्या 732 है. इसमें महिलाओं की कुल संख्या 247 है. पीजी किये हुए रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 12 है. इसमें महिलाओं की संख्या 01 है.
आइटीआइ रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 258 है. इसमें महिलाओं की संख्या 13 है. डिप्लोमाधारी रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 334 है. इसमें महिलाओं की संख्या 104 है. अन्य योग्यताधारी रजिस्टर्ड लोगों की संख्या 49 है. इसमें महिलाओं की संख्या 17 है.
पर्यटन क्षेत्र से भरे लातेहार में भी बेरोजगारी की मार
लोध फॉल, सुग्गा बांध, नेतरहाट जैसे पर्यटन क्षेत्र से भरे हुए लातेहार जिले में भी बेरोजगारी की मार वहां के युवक-युवतियां झेल रही हैं. तभी तो यहां पढ़े लिखे बेरोजगार लोगों की संख्या 4000 के करीब है.
सरकार ने ऐसा कोई उपाय नहीं किया जिससे लातेहार के लोगों को रोजगार मिल सके. यहां की बेरोजगारी के आंकड़े बताते हैं कि जिला रोजगार निबंधन कार्यालय में मीडिल पास से लेकर डिप्लोमाधारी युवाओं ने रोजगार की उम्मीद से रजिस्ट्रेशन कराया है.
यहां मीडिल पास 204 लोग रोजगार के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है. इसी तरह 10 वीं पास 844, 12 वीं पास 1440, ग्रेजुएट 749, पीजी पास 5, अप्रशिक्षित 5, आइटीआइ योग्यताधारी 192, डिप्लोमाधारी 265 व दूसरे किसी तरह के योग्यता रखने वाले 451 लोग रोजगार की उम्मीद में हैं.
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गढ़वा में मैट्रिक पास सबसे ज्यादा बेरोजगार
शिक्षा में जैसी स्थिति गढ़वा की है, वैसी ही स्थिति रोजगार को लेकर है. यह ऐसा जिला है, जो सालों से स्कूल, कॉलेज, फैक्टरी, माइंस जैसे क्षेत्र में रोजगार के इंतजार में है.
यहां मैट्रिक पास बेरोजगारों की संख्या सबसे ज्यादा है. इनकी संख्या 2801 है. इसके अलावा मीडिल पास रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 530, इंटर पास बेरोजगारों की संख्या 2752, ग्रेजुएट बेरोजगारों की संख्या 2068, पीजी पास बेरोजगारों की संख्या 394, अप्रशिक्षित बेरोजगारों की संख्या 5, आइटीआइ पास बेरोजगारों की संख्या 727, डिप्लोमाधारी रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 836 व अन्य योग्यताधारी रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या 99 है.
पलामू के पढ़े-लिखे बेरोजगारों की संख्या 11874
वन उत्पादों से भरा-पूरा जिला है पलामू. यहां पर्यटन की भी काफी संभावना है. लेकिन इस जिले में बहुमत वाली सरकार ने रोजगार के पुख्ता इंतजाम नहीं किये. जबकि इंटर के परिणाम में इस जिले ने 24 जिलों की सूची में पहला स्थान पाया है. इसके बाद भी यहां बेरोजगारों की संख्या 10 हजार के पार है.
आंकड़ों के मुताबिक यहां मीडिल पास पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 211, 10वीं पास 2393, इंटर पास 3472, स्नातक पास 2691, स्नातकोत्तर पास 24, अप्रशिक्षित 32, आइटीआइ 1373, डिप्लोमा 1356 व अन्य योग्यताधारी पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या 322 है.




