Crime NewsJharkhandLead NewsRanchiTOP SLIDER

मैट्रिक-इंटर में फर्स्टडिविजनर पुनई उरांव क्यों बन गया था पुलिस का मोस्ट वांटेड !

मामा पुलिस में दारोगा हैं, घरवाले चाहते थे कि गलत रास्ते से लौट आये

  • रांची शहर से मात्र 15 किलोमीटर दूर हुई मुठभेड़, 15 मिनट में हुआ ढेर
  • सरेंडर कर पेट्रोल पंप खोलने की योजना बना रहा था, लेकिन….

Sohan Singh

Ranchi. मंगलवार की शाम रांची पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया दो लाख का ईनामी पुनई उरांव पढ़ाई में मेधावी था. मैट्रिक और इंटर की परीक्षा उसने फर्स्ट डिविजन से पास की थी. वह आर्मी या पुलिस में जाना चाहता था. वह आर्मी और झारखंड पुलिस की बहाली रैली में भी शामिल हुआ था, लेकिन नाकाम होने के बाद उसने हथियार थाम लिया. देखते-देखते वह पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप का खासमखास बन बैठा था. उसने संगठन के लिए रांची और खूंटी इलाके में सैकड़ों लोगों से करोड़ों की लेवी वसूली थी.

घर के कई लोग उच्च पदों पर हैं

पुनई उरांव नगड़ी थाना क्षेत्र के गड़गांव का रहनेवाला था. उसके घर के कई लोग अच्छे पदों पर हैं. एक चाचा बोकारो स्थित स्टील प्लांट में इंजीनियर हैं, जबकि मामा पुलिस में दारोगा हैं. उसके घरवाले चाहते थे कि वह पुलिस के पास सरेंडर कर मुख्यधारा में लौट आये. पुनई जवाब में कहता था कि उसे अभी पैसा कमाना है. पर्याप्त पैसा इकट्ठा हो जायेगा तो वह खुद हथियार रख देगा. न्यूजविंग से बातचीत में पुनई के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि वह सरेंडर करने के बाद पेट्रोल पंप खोलना चाहता था. घर के लोगों से उसकी मुलाकात नहीं के बराबर थी. फोन पर कभी-कभार बात हो पाती थी. घर-परिवार वाले समझाते थे कि वह जिस रास्ते पर चल रहा है, वह अच्छा नहीं है. पुनई को भी इसका एहसास हो चला था. वह मुख्यधारा में लौट पाता, उसके पहले ही मंगलवार को रांची से 15 किलोमीटर दूर लोधमा इलाके में पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया.

फुटबॉल का शानदार खिलाड़ी था

परिवार के सदस्य ने बताया कि उसने स्कूल की पढ़ाई बोकारो में रहकर की थी. पढ़ने में तेज था. उसने वहीं से मैट्रिक की परीक्षा फर्स्ट डिविजन में पास की थी. इंटर की पढ़ाई के लिए उसे रांची भेजा गया. इंटर की परीक्षा भी उसे फर्स्ट डिविजन हासिल हुआ था. पुनई फुटबॉल का भी अच्छा खिलाड़ी था. उसे रांची में ग्रामीण इलाकों में होनेवाले टूर्नामेंट में विभिन्न क्लबों की टीमें उसे बॉरो प्लेयर के रूप में ले जाती थीं. उसने कई मैच में अपनी टीम को जीत भी दिलायी थी. परिवार के सदस्य के अनुसार, अगर उसे नौकरी मिल गयी होती तो शायद वह सेना या पुलिस में होता. बेरोजगारी के आलम में ही उसने पीएलएफआई ज्वॉइन कर लिया था.

मात्र 15 मिनट चली मुठभेड़

पुनई उरांव पर रांची और खूंटी जिले में हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली के लगभग डेढ़ दर्जन मामले दर्ज हैं. पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि पुनई अपने दस्ते के साथ लोधमा इलाके में किसी घटना को अंजाम देने की तैयारी कर रही है. रांची के एसएसपी सुरेंद्र झा की क्विक रिस्पांस टीम ने इसपर इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया. लोधमा इलाके में जब पुलिस ने उसे घेरा तो उसने पिस्टल से गोलियां चलायीं. उसके पिस्टल में दस गोलियां थीं. उसने चार राउंड फायरिंग की थी. इसी बीच पुलिस की गोली उसके सिर में लगी और वह ढेर हो गया. रांची शहर से मात्र 15 किलोमीटर की दूरी पर यह मुठभेड़ हुई और  मात्र 15 मिनट में पुनई के मारे जाने के साथ ऑपरेशन खत्म हो गया.

 

 

Related Articles

Back to top button