
Kolkata : पं बंगाल से मिली खबरों में कहा गया है कि 160 से 180 किमी प्रति घंटे के आवेग वाले तूफान ने राज्य में बड़ी तबाही मचायी है. तूफान से अब तक 10 से 12 लोगों के जान गंवाने की सूचना है. कोलकाता शहर के कई इलाकों में पानी भर गया है. सबसे अधिक असर कोलकाता एयरपोर्ट पर दिखा है. जहां रनवे और हैंगर में पानी भर गया है.
तूफान ने एयरपोर्ट के कई हिस्सों को क्षत-विक्षत कर दिया है. एयरपोर्ट के एक भाग का तकीनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पानी में डूब गया है. बता दें कि अम्फान के कारण सभी उड़ाने आज सुबह पांच बजे तक बंद थीं. सूत्रों के अनुसार अब इस समय को और आगे बढ़ा दिया गया है. यात्रियों के लिए किसी भी तरह की उड़ान 25 मार्च से ही बंद हैं.
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200 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है रफ्तार
गौरतलब है कि भीषण चक्रवाती तूफान “अम्पन” और अधिक खतरनाक रूप लेता जा रहा है. अलीपुर स्थित मौसम विभाग के क्षेत्रीय निदेशक गणेश कुमार दास ने बताया कि इसकी गति और अधिक बढ़कर अधिकतम 185 किलोमीटर से बढ़कर 200 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है.
किसी भी क्षेत्र में इतनी तेज गति से हवा चलने पर भारी तबाही मच सकती है. इससे जानमाल के नुकसान की आशंका और अधिक बढ़ गई है. अनुमान है कि ओडिशा के पारादीप समुद्र तट से तूफान टकराएगा. तब इसकी गति 185 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है.
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मौसम विभाग से अलर्ट मिलने के बाद राज्य सरकारों ने पहले से ही एहतियाती कदम उठा लिया है. बंगाल सचिवालय नवान्न में कंट्रोल रूम खोला गया है जिसके निगरानी खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कर रही हैं. 19 कंपनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की तैनाती कर दी गई है. इसके अलावा एसडीआरएफ भी राज्य प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहा है.
दक्षिण 24 परगना और पूर्व मेदिनीपुर में करीब चार लाख लोगों को कच्चे मकानों से निकालकर पक्के मकानों में शिफ्ट कर दिया गया है. चक्रवात से निपटने के लिए आर्मी, एयरफोर्स, नेवी के साथ-साथ इंडियन कोस्ट गार्ड और बीएसएफ ने भी कमर कस ली है.
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