
Asansol : पश्चिम बंगाल भाजपा के राज्य कार्यालय में शुक्रवार को आसनसोल के दबंग कहलाने वाले कृष्णेन्दु मुखर्जी ने आखिरकार भाजपा का दामन थाम लिया. कृष्णेन्दु मुखर्जी ने भाजपा के दो सांसदों बाबुल सुप्रियो और दिलीप घोष के हाथो भाजपा का झंडा थाम कर भाजपा की बंगाल में जड़े मजबूत करने की शपथ ली. मालूम हो कि मुखर्जी तत्कालीन तृणमूल नेता, वर्त्तमान भाजपा नेता मुकुल राय के काफी करीबियों में माने जाते हैं.
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कृष्णेन्दु मुखर्जी पर आसनसोल में दर्जनों क्रिमिनल मामले दर्ज
यही कारण है के मुकुल राय के तृणमूल छोड़ते ही कृष्णेन्दु मुखर्जी पर आसनसोल में दर्जनों क्रिमिनल मामले दर्ज हो गये. क्रिमिनल मामलों में से कुछ मामलों में जमानत मिल गयी. कुछ मामले में वे जेल की हवा भी खा चुके हैं. हाल ही में वो जेल से बाहर आये हैं. कोर्ट के निर्देश पर कृष्णेन्दं को आसनसोल से तड़ीपार कर दिया गया है. इसलिए अब वे आसनसोल छोड़कर ज्यादातर कोलकाता या फिर कोलकाता से बाहर ही रह रहे हैं.
बताया जाता है कि जब कृष्णेन्दू तृणमूल में थे तब वो तृणमूल के लिए आसनसोल में एक बड़े फाइनेंसर के रूप में भी जाने जाते थे. चुनाव या फिर बड़ी रैलियों के दौरान पार्टी के लिए उसकी भूमिका महत्वपूर्ण होती थी. कृष्णेन्दु के भाजपा में शामिल होने से आसनसोल सहित राज्य के और भी जिलों में भाजपा की जड़े और मजबूत करने में वो अहम भूमिका भी निभा सकते है. भाजपा के दोनों सांसदों ने भी यह साफ कर दिया है कि कृष्णेन्दु मुखर्जी को बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में केंडिडेट के रूप में पार्टी द्वारा चुना जा सकता है.
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