
Ranchi: एचईसी आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है. एचईसी के पास अधिकारियों-कामगारों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं. अधिकारियों को पिछले दस माह और कामगारों का छह माह का वेतन बकाया तो था ही अब एचईसी के पास कच्चा माल खरीदने तक के भी पैसे नहीं हैं. कच्चे माल नहीं रहने के कारण तीनों प्लांटों के आधा दर्जन से अधिक श़ॉप में काम बंद हो गया. कच्चा माल नहीं रहने के कारण यहां कामगार उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं. कामगारों को बिना काम किए ही वापस लौटना पड़ रहा है. अपने प्रभारियों से कामगार कच्चे माल की मांग कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उपलब्ध नहीं हो पा रहा है.
सबसे अधिक एचएमबीपी में काम प्रभावित हुआ
सबसे अधिक एचएमबीपी में काम प्रभावित हुआ है. यहां चार शॉप में उत्पादन ठप है. उत्पादन ठप होने से कई उपकरणों का निर्माण समय पर पूरा नहीं हो पाएगा. इससे प्रबंधन को विलंब फाइन भी देना पड़ सकता है. पैसे नहीं रहने के कारण कई उपकरणों का डिस्पैच भी नहीं हो पा रहा है. एक हाइड्रोलिक शॉवेल टेस्ट के लिए एचएमबीपी 02 श़ॉप के बाहर खड़ा है, लेकिन उसका टेस्ट तक नहीं हो पा रहा है.
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कई मशीनों का काम 80 फीसदी तक हो गया पर मेटेरियल नहीं
कई मशीनों का काम 80 फीसदी तक हो गया है, लेकिन शेष कार्य के लिए मेटेरियल उपलब्ध नहीं है. जबकि एचईसी के पास फिलहाल 1500 करोड़ से अधिक के कार्यादेश उपलब्ध हैं. कच्चे माल की कमी से एफएफपी का फर्नेस भी बंद है. इससे एचईसी को श्रमिक नेताओं के अनुसार आर्थिक स्थिति में सुधार और राजस्व वसूली के लिए एचईसी के पास कई साधन है. इसमें एचईसी कॉलोनी की दुकानें प्रमुख हैं. इन दुकानों के किराये के विवाद को सुलझा कर राजस्व की वसूली की जा सकती है, लेकिन इसके लिए प्रबंधन प्रयास नहीं कर रहा है.
ठेका मजदूरों को वेतन नहीं
पिछले सप्ताह एचईसी के अधिकारियों, सुपरवाइजरों और कामगारों को एक माह का वेतन दिया गया, लेकिन उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ठेका श्रमिकों को वेतन भुगतान नहीं किया गया है. जबकि ठेका श्रमिकों को सबसे कम वेतन मिलता है. इस कारण ठेका श्रमिकों का असंतोष बढ़ते जा रहा है.
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