Read Next
07/02/2026
कोडरमा से एक सप्ताह से गायब 10 बिरहोर बच्चे गयाजी के चाइल्ड केयर में मिले
07/02/2026
कोडरमा में बिरहोर टोला के 10 बच्चे एक साथ लापता, पहले हल्के में लिया मामला, अब जांच में जुटी पुलिस
22/01/2026
रामगढ़: रेलवे में नौकरी पर आज कुलियों का ट्विटर अभियान, राष्ट्रीय कुली मोर्चा की वर्चुअल बैठक में निर्णय
21/01/2026
रामगढ़ : चितरपुर में नकली बजाज आलमंड तेल की सप्लाई का खुलासा, पुलिस की छापेमारी में सामग्री जब्त
21/01/2026
रामगढ़ : टेलीकॉम ऑफिस और स्टोर में चोरी, बैटरी, केबल चार्जर सहित कई कीमती सामान लेकर चोर फरार
20/01/2026
कोरडमा : लापता बालक का शव मिला, हत्या की आशंका, ग्रामीणों ने किया सड़क जाम
14/01/2026
रांची धुर्वा से गायब हुए अंश और आंशिक 13 दिन बाद चितरपुर से सकुशल बरामद, दो गिरफ्तार
10/01/2026
कोडरमा के तिलैया में कर्ज से परेशान व्यवसायी ने जहर खाकर दी जान, पुलिस कर रही जांच
09/01/2026
कोडरमा में सैलून संचालक पति पत्नी की दम घुटने से हुई मौत, कमरे में आग जलाकर सोने से हुई घटना
07/01/2026
कोडरमा: नशे के कारोबार पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, ब्राउन शुगर के साथ 4 लोग गिरफ्तार
Back to top button
Bengaluru: सामाजिक कार्यकर्ता और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने इस मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. एसआइटी ने बयान जारी कर इसकी जानकारी दी.
एसआइटी ने एक वक्तव्य में कहा कि रुशिकेश देवदिकर उर्फ मुरली (44) फरार चल रहा था, उसे गुरुवार को झारखंड के धनबाद जिले के कतरास में उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया गया. जांच दल के मुताबिक आरोपी, लंकेश की हत्या की साजिश का हिस्सा है और वह इस मामले में 18 वां आरोपी है.
इसे भी पढ़ें- #JNUViolence: दिल्ली पुलिस ने घटना के चार दिन बाद की संदिग्धों की पहचान
आरोपी के घर की ली जा रही तलाशी
एसआइटी ने कहा कि सबूतों के लिए उसके घर की तलाशी ली जा रही है और उसे न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जायेगा.
वाम रूझान वाली पत्रकार लंकेश की पांच सितंबर 2017 को उनके घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी. उनकी हत्या का संदेह एक ऐसे समूह के सदस्य पर गया था जो दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रेरित था.
जांचकर्ताओं ने कहा कि समूह ने ऐसे लोगों की सूची तैयार की थी जिनकी वह हत्या करना चाहता था और उस सूची में रंगकर्मी गिरिश कर्नाड और तर्कवादी के.एस. भगवान का भी नाम था.
एसआइटी को पता चला कि लंकेश की हत्या की साजिश उसी दक्षिणपंथी समूह के सदस्यों ने रची जिन पर तर्कवादी एम.एम.कलबुर्गी की हत्या का आरोप है.
इसे भी पढ़ें- दो साल में देशद्रोह के मामले हुए दोगुने, पहले नबंर पर झारखंडः NCRB
एसआइटी ने दाखिल किया था आरोप पत्र
पिछले साल नवंबर में पत्रकार गौरी लंकेश हत्याकांड को लेकर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बेंगलुरू की एक अदालत में अतिरिक्त आरोप पत्र दाखिल कर हिंदू सगंठन सनातन संस्था पर आरोप लगाया था.
नौ हजार 235 पन्नों के आरोप पत्र के अनुसार सतातन संस्था के भीतर के एक नेटवर्क ने गौरी लंकेश को निशाना बनाया था. गौरी की हत्या की साजिश पांच साल से रची जा रही थी. हत्याकांड को लेकर विशेष लोक अभियोजक एस बालन ने कहा कि मृतक और हत्यारे के बीच निजी या कोई अन्य रंजिश नहीं थी.
उन्हें इसलिए मारा गया क्योंकि वह एक खास विचारधारा को मानती थीं, उसके बारे बोलती और लिखती थीं. बता दें कि विशेष जांच दल ने इस मामले की जांच आगे भी जारी रखने की स़्वीकृति मांगी है. इससे पहले मई 2019 में जांच दल ने इस मामले में पहला आरोप पत्र दाखिल किया था.