
Ranchi : स्वच्छता सर्वे को लेकर रांची नगर निगम ने तैयारी शुरू कर दी है. वहीं केंद्रीय नगर विकास विभाग ने भी इसको लेकर प्लेटफार्म तैयार कर लिया है, लेकिन रांची नगर निगम की तमाम कोशिशों के बाद भी इस बार अच्छे मार्क्स मिलने के असार नहीं हैं. वेस्ट डिस्पोजल की व्यवस्था नहीं किए जाने के कारण इस बार भी नंबर कटने की संभावना है. चूंकि रांची नगर निगम के झिरी डंपिंग यार्ड में वेस्ट डिस्पोजल प्लांट लगाने की योजना केवल कागजों पर ही चल रही है. बताते चलें कि इस बार स्वच्छता सर्वे 6000 मार्क्स से बढ़ाकर 7500 मार्क्स का कर दिया गया है. ऐसे में रैंकिंग में ऊपर आना निगम के लिए बड़ा चैलेंज होगा. इस मामले में जब न्यूजविंग ने नगर आयुक्त से बात करने की कोशिश की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
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10 महीने पहले हुआ था एग्रीमेंट
रांची नगर निगम और गेल इंडिया के बीच 18 मार्च 2020 को ही झीरी में वेस्ट डिस्पोजल प्लांट लगाने को लेकर एग्रीमेंट हुआ था. सीएम की मौजूदगी में हुए इस एग्रीमेंट में बताया गया था कि रांची में हर दिन 300 टन ऑर्गेनिक वेस्ट की प्रोसेसिंग कर करीब 10 टन प्रतिदिन कंप्रेस्ड बायोगैस उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है. गेल इंडिया लिमिटेड इसके लिए 150-150 टन का दो प्लांट भी लगायेगा. फर्स्ट फेज में एक प्लांट लगाने की बात कही गई थी, लेकिन आजतक योजना कागजों पर ही है. वहीं सॉइल टेस्टिंग के बाद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी.
दो साल में लगाना था प्लांट
एग्रीमेंट के तहत गेल इंडिया ने दो साल में एक प्लांट का निर्माण करने की बात कही थी. साथ ही कहा गया था कि इसके निर्माण में करीब दो साल का समय लग सकता है. जहां पर वेस्ट का डिस्पोजल शुरू कर दिया जाएगा. इसके बाद जरूरत पड़ने पर दूसरा प्लांट भी लगाया जाएगा, लेकिन आजतक एक प्लांट की नींव ही नहीं रखी गई. जबकि 10 महीने का समय बीत चुका है. अब देखना यह होगा कि प्लांट का निर्माण कब तक शुरू हो पाता है.
हर दिन 650 मीट्रिक टन कचरा
नगर निगम क्षेत्र में 53 वार्ड आते हैं. जहां 2.10 लाख हाउस होल्डर नगर निगम में रजिस्टर्ड है. जिसमें घरों के अलावा दुकानें भी शामिल हैं. इन जगहों से हर दिन लगभग 650 मीट्रिक टन कचरा निकलता है. अब हर दिन इस कचरे को कलेक्ट करने के बाद झीरी डंपिंग यार्ड में भेज दिया जाता है. इस वजह से वहां पर कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है. वहीं डिस्पोजल नहीं किए जाने के कारण यह पहाड़ ऊंचा होता जा रहा है.
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