
Ranchi: साल के अंतिम दिनों में झारखंड पुलिस ने नक्सलियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. इस कार्रवाई में कई इनामी नक्सली मारे गए तो कई को पुलिस सलाखों के पीछे पहुंचाने में कामयाब रही. इसके साथ ही कई ने पुलिस के आगे हथियार भी डाल दिए. इसके बाद भी झारखंड के तमाम उग्रवादी संगठन अपराधियों से मिलकर लेवी वसूलने के लिए आगजनी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं. अब झारखंड के डीजीपी ने ऐसे गिरोहों को नेस्तनाबूद करने के लिए तैयारी शुरू कर दी है. इसके लिए झारखण्ड पुलिस अपराधियों का रिकॉर्ड तलाश रही है. ऐसे में डीजीपी एमवी राव ने कहा है कि अपराधी और उग्रवादी संगठन नहीं चेते तो उनका अंजाम बहुत बुरा होने वाला है.
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ठेकेदारों और कारोबारियों को डराने के लिए आगजनी
डीजीपी ने कहा कि कुछ पॉलिटिकल और आपराधिक गिरोह के लोग एक साथ मिलकर राज्य में आगजनी की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. इन वारदातों के पीछे उनकी मंशा ठेकेदारों और कारोबारियों से पैसा वसूलने के लिए डराने की है. हाल के दिनों में कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा के गिरोह ने अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं. यह गिरोह छोटे-छोटे उग्रवादी संगठनों से गठजोड़ कर रंगदारी वसूलने के लिए कोयला कंपनियों को अपना निशाना बना रहा है. सुजीत सिन्हा खुद जेल में बंद है लेकिन इसके बावजूद उसके गिरोह के सदस्य रंगदारी मांगने, रंगदारी नहीं देने पर फायरिंग और कोयला साइडिंग क्षेत्र में आगजनी कर रहे हैं.
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तेतरियाखाड़ कोल प्रोजेक्ट परिसर में की थी आगजनी
18 दिसंबर की रात सीसीएल के तेतरियाखाड़ कोल प्रोजेक्ट परिसर में सुजीत गैंग के अपराधियों ने जमकर कहर बरपाया था. गैंग के अपराधियों ने चार लोगों को गोली मार दी. वहीं कई ट्रकों को आग के हवाले कर दिया था. गोलीबारी और आगजनी के बाद अपराधियों ने घटनास्थल पर पर्चे भी छोड़े थे, जिसमें लिखा था कि कोयला खनन का काम कर रही आउटसोर्सिंग कंपनी, कोयला परिवहन कर रही कंपनी, कोयला का उठाव कर रहे डीईओ धारक और लिफ्टर को चेतावनी है कि बिना सुजीत बॉस को मैनेज किए जो काम करेगा उसे मौत के घाट उतार दिया जाएगा. कुछ दिन पूर्व बालूमाथ से गिरफ्तार अमन साव के गुर्गे की पीएलएफआई संगठन के लिए भी काम करने की बात सामने आई थी. सुजीत सिन्हा गिरोह के अपराधियों के पास एकके-47 जैसे हथियार भी मौजूद हैं.
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पॉलिटिशियन और जेल में बंद अपराधी कर रहे हैं माहौल बिगाड़ने का काम
झारखंड के डीजीपी के अनुसार पिछले कुछ दिनों से झारखंड में भय का वातावरण बनाने की कोशिश की जा रही है. इसमें कुछ पॉलिटिशियन और जेल में बंद अपराधी भी शामिल हैं. डीजीपी के अनुसार हाल के दिनों में जिस तरह से झारखंड पुलिस ने कार्रवाई की है अगर वह देखकर भी यह अपराधी और उग्रवादी संगठन नहीं चेते तो उनका अंजाम बहुत बुरा होने वाला है.




