
Ranchi: 13 नवंबर और 20 नवंबर को झारखंड में वोटिंग होनी है. इसके लिए चुनाव आयोग के स्तर से तैयारियां करीब-करीब पूरी हो चुकी हैं. सत्तारूढ इंडी गठबंधन और विपक्षी गठबंधन एनडीए की ओर से भी विधानसभा चुनाव में जीत के लिए रणनीतियों को धरातल पर उतारा जा रहा है. इधर, जमियत उलमा जिला लोहरदगा ने लिखित रूप से एक पैगाम जारी किया है. सोशल मीडिया पर इससे संबंधित एक लेटर वायरल भी है. इसमें जमियत उलमा, लोहरदगा के महासचिव मौलाना अब्दुल हामिद के हस्ताक्षर है. इसके जरिए कहा गया है कि मौजूदा समय के हालात को देखते हुए मरकजी हुकूमत का मुसलमानों के ताल्लुक से रवैया है. मुसलमानों को एनआरसी, यूसीसी, वक्फ बोर्ड कानून लाकर और घुसपैठियों के बहाने डराया और धमकाया जा रहा है. इस सिलसिले में जमियत उलमा झारखंड से मशवरा के बाद जमियत उलमा, लोहरदगा मुसलमानों से अपील करता है कि वे इंडिया गठबंधन (झामुमो-कांग्रेस-राजद व अन्य) के पक्ष में अपना वोट दें और दिलावें। यह वक्त का तकाजा है.


भाजपा का सवाल
वायरल लेटर को सोशल मीडिया पर साझा करते सांसद निशिकांत दुबे ने नाराजगी जताते सवाल उठाया है. कहा है कि क्या यह देश मुसलमानों के कानून से चलेगा? सांसद ने इस फतवे को भारत की एकता व अखण्डता पर प्रहार भी बताया है.
सिमडेगा में रोमन कैथोलिक डायोसीज ने की शांति बाला को समर्थन देने की अपील
लोहरदगा जिले की तरह सिमडेगा में भी खास कैंडिडेट को वोट दिए जाने की अपील करने का केस सामने आया है. सोशल मीडिया में वायरल सिमडेगा डायोसीज के डायरेक्टर (सोशल कम्युनिकेशन) बेंजामिन डुंगडुंग के लेटर के मुताबिक, सिमडेगा विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार शांति बाला केरकेट्टा को समर्थन दिए जाने की अपील की गयी है. लेटर में कहा गया है कि सिमडेगा सीट से झामुमो ने अपना कैंडिडेट घोषित किया है पर रोमन कैथोलिक डायोसीज ऑफ सिमडेगा के एडवाइस से यह विपरीत फैसला है. ऐसे में चर्च ने डिसाइड किया है कि वह इंडिपेंडेंट कैंडिडेट शांति बाला केरकेट्टा को सपोर्ट करेगा. शांति हमारे समाज की एक्चुअल नीड्स को समझती हैं. उनकी लीडरशिप हमारी कम्युनिटी के ग्रोथ और प्रोग्रेस के लिए सबसे बेस्ट है.




