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हज़ारीबागः बहुचर्चित अनु पाठक हत्याकांड में पति विनोद पाठक दोषी करार, 29 को सुनाया जायेगा फैसला

प्रेमिका महिला इंस्पेक्टर के उकसाने पर की थी पत्नी अनु पाठक की निर्मम हत्या

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Hazaribagh: हज़ारीबाग के बड़ा बाजार थाना क्षेत्र के जयप्रभा नगर में 29 जनवरी 2018 को दिल दहला देने वाली घटना हुई थी. घटना में सीएमपीडीआइ, रांची के हेड क्लर्क (बड़ा बाबू) विनोद पाठक ने अवैध संबंध में अपनी पत्नी अनु पाठक पाठक की सिर काट कर हत्या कर दी थी. इसके बाद सिर को बोरे में और धड़ को प्लास्टिक में बांध कर पलंग (दीवान) के बॉक्स में छुपा दिया. घटना को अंजाम देने के बाद उसने बड़ा बाजार थाना पहुंच कर पत्नी की गुमशुदगी का आवेदन दिया. इसी बीच घर से दुर्गंध आने पर आरोपी की पुत्री कीर्ति पाठक ने पुलिस को फोन कर सूचना दी कि उसकी मां की हत्या पिता ने कर दी है. पुलिस आरोपी के घर पहुंची और कमरे का ताला तोड़ कर दीवान में रखे शव को बरामद किया था. घटना में पुलिस ने आरोपी की बड़ी पुत्री कृति पाठक के लिखित आवेदन पर कांड संख्या 80/2018 के तहत मुकदमा दर्ज किया था. बाद में बिनोद पाठक को उसकी प्रेमिका इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर के साथ पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया था.

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धारा 302,  201 के तहत बिनोद पाठक दोषी करार, 28 मार्च को फैसला

हज़ारीबाग न्यायालय में चले 14 महीने तक के ट्रायल में आज हज़ारीबाग न्यायालय में बिनोद पाठक को एडीजे वन रमेश कुमार के समक्ष पेश किया गया. बिनोद पाठक को अपनी पत्नी अनु पाठक की हत्या मामले में भा०द०स० की धारा 302, 201 के तहत दोषी पाते हुए दोषी करार दिया गया है. 28 मार्च तक के लिए फैसले को सुरक्षित रखा गया है. 28 मार्च को सेंट्रल जेल हज़ारीबाग से वीसी के जरिये फैसला सुनाया जायेगा.

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क्या है पूरा मामला

अनु पाठक हत्याकांड में पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि कि अनु पाठक के पति विनोद पाठक का उससे दो साल से अफेयर था. यही हत्या का कारण बना. 29 जनवरी 2018 को जयप्रभा नगर में बिनोद ने अपनी पत्नी अनु पाठक की हत्या कर दी थी. उनकी 15 साल की बेटी कृति ने थाने में अपने पिता पर हत्या का मामला दर्ज कराया था. वहीं मंजू ठाकुर और पिता के नाजायज रिश्तों के बारे में जानकारी दी थी. अपनी पत्नी की हत्या करने बाद सिर से धड़ अलग करने का आइडिया मंजू ने ही दिया था. पुलिस के मुताबिक, बिनोद पाठक अपनी पत्नी की हत्या करने के बाद सीधा मंजू ठाकुर के पास खून से लथपथ पहुंचा. और हत्या के बारे में पूरी जानकारी दी थी. पुलिस को मंजू ने यह भी बताया था कि अनु का सिर से धड़ अलग करने का आइडिया उसने ही दिया था. मंजू ने विनोद पाठक को हत्या करने के बाद अलग-अलग जगहों पर लाश छुपाने का तरीका भी बताया था. रस्सी और हत्या में शामिल चाइनीज चाकू मंजू ने ही मुहैया कराया था. घटना के बाद 32 बार मंजू ठाकुर और विनोद पाठक में बातचीत हुई थी. विनोद की प्रेमिका मंजू ठाकुर अपने भाई के संपर्क में थी. वह मोबाइल बदल-बदल कर बातचीत करती थी. विनोद नये नंबर से मंजू ठाकुर से बात करता था, ताकि किसी को शक न हो. अनु पाठक की हत्या की प्लानिंग 10 से 15 दिन पहले बनी थी. आगे मंजू ठाकुर ने पुलिस को बताया कि बिनोद को क्राइम पेट्रोल व सावधान इंडिया देखने के लिए प्रेरित करती थी. इसलिए मर्डर करने के बाद सबूत छुपाने का तरीका इन्हीं टीवी प्रोग्राम से सीखा था. पत्नी की हत्या के बाद विनोद को बड़ा बाजार टीओपी में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराने के लिए मंजू ने ही कहा था. मामला दर्ज कराने को लेकर मंजू ने थाना के इंचार्ज पर दबाव भी डाला था. हत्या के दिन सुबह में अनु पाठक ने मंजू ठाकुर को फोन पर कहा था कि आपलोग चाहें तो शादी कर लीजिए, हमको कोई एतराज नहीं है. लेकिन उनको (विनोद) समझाइए कि बच्चों को टॉर्चर नहीं करें. हत्या के बाद बिनोद पाठक ऑफिस के सिक्युरिटी सुपरवाइजर की कार से भाग कर डोभी गया पहुंचा था. उसके बाद हज़ारीबाग पुलिस ने गया से बिनोद पाठक को और कोडरमा से पुलिस इंस्पेक्टर मंजू ठाकुर को गिरफ़्तार कर जेल भेजा था.

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