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राज्य की पहली महिला मुख्य सचिव लक्ष्मी सिंह का निधन

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  • दो मार्च को मेडिका के मेडिसीन आइसीयू में कराया गया था एडमिट
  • राज्य गठन के समय पूर्व मुख्य सचिव लक्ष्मी सिंह ने निभायी थी अहम भूमिका

Ranchi: राज्य की पूर्व मुख्य सचिव लक्ष्मी सिंह (73 वर्ष) का निधन शनिवार हो गया. उनका इलाज राजधानी के भगवान महावीर मेडिका सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में चल रहा था. शनिवार की शाम 4:31 बजे मेडिका हॉस्पिटल में उन्होंने अंतिम सांस ली. इससे पहले उनका इलाज रिम्स में चल रहा था. वहां स्थिति में सुधार नहीं होता देख उन्हें बेहतर इलाज के लिए दो मार्च को दोपहर 2:15 बजे मेडिका के मेडिसीन आइसीयू में एडमिट कराया गया था.  मेडिका में उनका इलाज डॉ विजय मिश्र और डॉ राजेश की देख-रेख में हो रहा था. दिनों-दिन उनकी स्थिति नाजुक होती जा रही थी. वह वेंटिलेटर पर थीं. निमोनिया से पीड़ित होने के बाद वह सेप्टीसीमिया के स्टेज में चली गई थीं. इसके बाद मेडिका हॉस्पिटल के प्रबंधन ने उन्हें एम्स रेफर कर दिया था. लेकिन उनकी स्थिति इतनी नाजुक हो गई थी कि एयर एंबुलेंस से एम्स ले जाना संभव नहीं था. उनके निधन पर मुख्य सचिव सुधीर त्रिपाठी ने दुख जताया है.

राज्य गठन के वक्त महत्वपूर्ण पद पर थीं लक्ष्मी सिंह

राज्य गठन के समय पूर्व मुख्य सचिव लक्ष्मी सिंह महत्वपूर्ण पद पर थीं. राज्य गठन के समय वह संयुक्त बिहार में क्षेत्रीय विकास आयुक्त के पद पर पदस्थापित थीं. झारखंड गठन के बाद 2003 में झारखंड की पहली महिला मुख्य सचिव बनीं. 1 नवंबर 2003 से वह 13 दिसंबर 2004 तक मुख्य सचिव के पद पर रहीं. इसके बाद उन्हें झारखंड अधिविद्य परिषद(जैक) का अध्यक्ष बनाया गया. जहां उन्होंने स्कूली शिक्षा के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी. लक्ष्मी सिंह राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष भी रहीं. इसके बाद कैब्रिज इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की चेयरपर्सन भी रहीं.

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1970 बैच की थीं आइएएस

पूर्व मुख्य सचिव लक्ष्मी सिंह 1970 बैच की आइएएस अफसर थीं. वह सबसे अधिक टाइम मैनेजमेंट पर ध्यान देती थीं. अपने कार्यालय में वह सुबह 10 बजे से पहले पहुंच जाती थीं. शाम पांच बजे तक लगातार काम करती थीं. जैक की जब अध्यक्ष बनी तब वहां भी उन्होंने टाइम मैनेजमेंट पर पूरा ध्यान दिया. उनके कार्यकाल में जैक की कार्यप्रणाली में कई सुधार भी हुए. महिला आयोग की अध्यक्ष रहते हुए कई महत्वपूर्ण मामलों का भी निष्पादन किया.

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