
Palamu: लॉक डाउन के बीच नक्सलियों और उग्रवादियों के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान में पलामू जिले की छतरपुर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है.
पुलिस ने प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के सक्रिय सदस्य रितिक कुमार सिंह उर्फ रितिक यादव को गिरफ्तार किया है.
रितिक को महज आठ वर्ष की आयु में माओवादी उठाकर ले गये थे. अभी उसकी उम्र 23 वर्ष है. उसके माता पिता का कहीं कोई अता-पता नहीं है. कई बड़े नक्सली कांडों में रितिक की संलिप्तता रही है.
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रूद गांव में देखे जाने की सूचना मिली थी
छतरपुर के थाना प्रभारी वासुदेव मुंडा ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन का एक सक्रिय सदस्य रितिक कुमार सिंह उर्फ रितिक यादव रूद गांव में देखा गया है. सूचना के सत्यापन के बाद उसके खिलाफ कार्रवाई की गयी. उसे गिरफ्तार किया गया.
रितिक विगत कई वर्षों से भाकपा माओवादी संगठन का सक्रिय सदस्य है. यह भाकपा माओवादी संगठन के मध्य जोन के जोनल कमाण्डर नितेश उर्फ इरफान उर्फ सूरज उर्फ नन्दु यादव के दस्ते में सक्रिय रहता था.
वर्ष-2013 के बाद झारखण्ड राज्य के पलामू जिला एवं बिहार राज्य के गया एवं औरंगाबाद जिले में घटित कई नक्सली कांडों में इसने अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
पांच साल की उम्र में ट्रेन में मिला था लावारिस
छतरपुर के रूद के एक व्यक्ति के द्वारा रितिक को लावारिस अवस्था में ट्रेन से उतार कर अपने घर लाया गया था. उस समय उसकी उम्र महज पांच वर्ष थी.
लाने वाले व्यक्ति के घर पर उसका पालन-पोषण हो रहा था. इसके माता-पिता एवं स्थाई पता की कोई जानकारी नहीं है. इसी बीच करीब 8 वर्ष की उम्र में ही प्रतिबंधित भाकपा माओवादी संगठन के कुख्यात नक्सली संदीप द्वारा दबाव देकर दस्ता में ले जाया गया.
तब से लेकर अभी तक ये भाकपा माओवादी संगठन में सक्रिय दस्ता सदस्य के रूप में क्रियाशील था. इसके द्वारा कई महत्वपूर्ण नक्सली कांडों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है.
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इन कांडों में रही है संलिप्तता
वर्ष 2013 में नितेश के दस्ता के साथ चतरा के लकड़बंधा जंगल में टी.पी.सी के साथ मुठभेड़ हुई थी. इसमें रितिक भी दस्ते के साथ था. इस घटना में भाकपा माओवादी संगठन के 04 सदस्यों की हत्या टीपीसी के द्वारा कर दी गयी थी.
वर्ष 2015-16 में थाना छतरपुर, जिला पलामू के खजूरी-नौडीहा में बाकी-छत्रधारी नदी पर निर्माणाधीन पुल पर लेवी नहीं मिलने पर दस्ता के सदस्यों के द्वारा पोलकेन मशीन को जलाने की घटना को अंजाम दिया था.
वर्ष 2016 में काला पहाड़-महुदंड के बीच जंगल में टीपीसी उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ में शामिल था. इसमें टीपीसी के 3-4 सदस्य मारे गये. वर्ष 2017 में काला पहाड़ क्षेत्र में ही पुलिस के साथ मुठभेड़ की घटना में शामिल रहा. वर्ष 2017 में खोटवा-बथान जंगल मदनपुर थाना (औरंगाबाद-बिहार) में नितेश जी के दस्ता के साथ पुलिस मुठभेड़ घटना को अंजाम दिया. इसमें दस्ता के एक सदस्य विनय यादव उर्फ जलेबी के पैर में गोली लगने से जख्मी हुआ था तथा एक सदस्य देवकी भुइयां मारा गया था.
वर्ष 2018 में चाईबासा में भाकपा माओवादी संगठन के बड़े नेताओं के साथ मिटिंग बुलायी गयी थी जिसमें पुलिस बल के साथ लगातार तीन मुठभेड़ की घटना में शामिल रहा. इस घटना में आईईडी विस्फोट किया गया था जिसमें कई पुलिसकर्मी वाले भी जख्मी हुए थे.
गिरफ्तारी टीम में थाना प्रभारी छतरपुर पुअनि बासुदेव मुंडा, सैट 15 खजूरी पिकेट सुबेदार आर.एन. बड़ाईक, सअनि भुपेन्द्र सिंह समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे.
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