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हाईकोर्ट ने देवघर एम्स के मामले में प्रार्थी सांसद निशिकांत दुबे के जवाब पर राज्य सरकार से मांगा प्रतिउत्तर

सांसद निशिकांत दुबे ने दायर की है जनहित याचिका

Ranchi: देवघर, एम्स में बुनियादी सुविधा उपलब्ध कराने को लेकर सांसद निशिकांत दुबे की जनहित याचिका की सुनवाई झारखंड हाईकोर्ट में शुक्रवार को हुई. मामले में कोर्ट ने देवघर एम्स के मामले में  प्रार्थी सांसद निशिकांत दुबे के जवाब पर राज्य सरकार से मांगा प्रतिउत्तर मांगा है. सांसद निशिकांत द्वारा मामले में राज्य के चीफ सेक्रेटरी के जवाब पर अपना शपथ पत्र दाखिल किया गया. इसमें संसद की ओर से कहा गया है कि चीफ सेक्रेटरी ने देवघर एम्स के पावर सबस्टेशन के लिए 64 करोड रुपए की लागत आने की बात कही है, जिसके लिए कैबिनेट की अप्रूवल जरूरी बताया है. सांसद का कहना है कि विगत एक माह में दो-तीन बार कैबिनेट की बैठक हो गई है लेकिन देवघर एम्स के लिए सरकार 64 करोड रुपए स्वीकृत करने पर दिलचस्पी नहीं दिख रही है. वही देवघर एम्स को पानी देने के सवाल पर प्रार्थी की ओर से कहा गया है की देवीपुर मल्टी विलेज स्कीम के तहत देवघर एम्स को पानी देने की बात कहीं जा रही है इससे पंचायतो को मात्र दो-तीन दिन ही पानी मिलती है. ऐसे में देवघर एम्स के लिए पुनासी डैम से जोड़कर पानी की व्यवस्था की जाए. चीफ सेक्रेटरी ने अपने जवाब में बताया था कि देवघर एम्स में फायर फाइटिंग के लिए एक अग्निशमन वाहन  उपलब्ध करा दिया गया है. जिसके जवाब में प्रार्थी निशिकांत दुबे की ओर से कहा गया है कि यह अग्निशमन वाहन मात्र चार- पांच तल्ला में आग बुझाने मैं सक्षम है. जबकि देवघर एम्स 24 मंजिला है ,ऐसे में इस अग्निशमन वाहन से काम नहीं होगा. देवघर एम्स के लिए शेष बचे 20 एकड़ जमीन उपलब्ध अब तक उपलब्ध नहीं होने मामले में चीफ सेक्रेटरी ने बताया है कि इस संदर्भ में उपयुक्त द्वारा जमीन अधिग्रहण के लिए प्रयास किया गया है. जिसमें सांसद का कहना है कि देवघर एम्स को 237 एकड़ जमीन आवंटित की गई थी लेकिन अब तक उसे मात्र 217 एकड़ जमीन ही मिली है ,शेष 20 एकड़ दिलाने के लिए राज्य सरकार को एक समय सीमा निर्धारित करनी चाहिए. सांसद निशिकांत की ओर से यह भी कहा गया है कि देवघर एम्स के में कार्यरत कर्मियों के बच्चों के लिए वहां सेंट्रल स्कूल बनाने के लिए केंद्र सरकार तैयार है ,लेकिन राज्य सरकार इसके लिए जमीन उपलब्ध नहीं कर रही है. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने की . अगली सुनवाई 1 दिसंबर को होगी. मामले में पूर्व की सुनवाई में राज्य के मुख्य सचिव एवं एम्स, देवघर के डायरेक्टर  कोर्ट के समक्ष वर्चुअल रूप से उपस्थित हुए थे.  प्रार्थी सांसद निशिकांत दुबे ने देवघर एम्स में इलेक्ट्रिक सबस्टेशन बनने, अप्रोचिंग रोड बनने, फ्लाईओवर बनने, आवश्यकतानुसार पानी की व्यवस्था होने,  फायर सेफ्टी की पर्याप्त व्यवस्था आदि की सुविधा मुहैया कराने का आग्रह राज्य  सरकार से किया गया है.  याचिका में सांसद  की ओर से कहा गया है देवघर एम्स में कई बुनियादी सुविधाओं का अभाव है. उनकी ओर से कोर्ट से देवघर एम्स के लिए पर्याप्त बिजली, पानी, पहुंच सड़क, फायर ब्रिगेड वाहन आदि की सुविधा उपलब्ध कराने का आग्रह कोर्ट से किया गया है.

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