
New York: अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने के लिए संयुक्त राष्ट्र में एक नया प्रस्ताव पेश किया है. सूची में नाम आने से मसूद पर वैश्विक यात्रा प्रतिबंध लग जाएगा और साथ ही उसकी संपत्ति जब्त हो जाएगी. पंद्रह सदस्यीय सुरक्षा परिषद में वीटे के अधिकार वाले तीन देशों ने बुधवार को यह नया प्रस्ताव पेश किया. तीन देशों की ओर से पेश इस नए प्रस्ताव पर सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति को 10 कामकाजी दिन में विचार करना होगा. इस नये प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले का भी जिक्र है. प्रस्ताव में मसूद की संपत्ति सीज करने और उसके ग्लोबल यात्रा पर प्रतिबंध लगाने की भी मांग की गई है.
Reuters: US, UK & France have asked the 15-member United Nations Security Council sanctions committee to subject Maulana Masood Azhar, the head of Pakistan-based militant group Jaish-e-Mohammad, to an arms embargo, global travel ban and asset freeze. https://t.co/lvQYJMI1BW
— ANI (@ANI) February 28, 2019
हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के इस कदम का चीन द्वारा विरोध किए जाने की संभावना है. जिसने पहले सुरक्षा परिषद की इस्लामिक स्टेट और अलकायदा प्रतिबंध समिति को 2016 और 2017 में जैश सरगना मसूद अजहर पर प्रतिबंध लगाने से रोक दिया था. इस नये प्रस्ताव पर चीन की ओर से फिलहाल कोई बयान नहीं है. रायटर्स द्वारा देखे गए प्रस्ताव के अनुसार, समिति ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 13 मार्च तक का समय दिया है.
उल्लेखनीय है कि 2009 में ही भारत ने संयुक्त राष्ट्र में आंतकी मसूद अजहर के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रस्ताव पेश किया था. इसके बाद भारत ने 2016 और 2017 में मसूद अजहर को वैश्विक आतंकी घोषित करने का भी प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र को दिया था. लेकिन हर बार चीन इस मामले में अड़ंगा लगा देता है.
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