
Ranchi : जिन उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति के समय सभी प्रमाण पत्रों का सत्यापन नहीं किया गया, उनके वेतन भुगतान पर विभाग रोक लगायेगा.
जिला शिक्षा अधीक्षक और डीडीओ को इस संबध में प्राथमिक निदेशालय की ओर से निर्देश दिया गया है. शुक्रवार को सभी जिला शिक्षा अधीक्षकों के नाम निर्गत पत्र में यह निर्देश दिया गया है.
निदेशालय की ओर से प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिये 17 करोड़ 90 लाख की राशि आवंटित की गयी. राशि साल 2019-20 के लिये निर्गत की गयी है.
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689 शिक्षक कार्यरत
राशि अन्य क्षेत्रीय उपयोजना क्षेत्र, जनजातीय क्षेत्र उपयोजना और अनुसूचित जातियों के लिये विशेष घटक योजना के तहत की गयी है. आंवटन योजना मद से किया जायेगा.
इसके तहत विधिवत नियुक्त और कार्यरत शिक्षकों को भुगतान किया जायेगा. निदेशालय की ओर से जिलावार उर्दू शिक्षकों की संख्या भी जारी की गयी है. इसके अनुसार उनको भुगतान किया जायेगा.
राज्य में 2014 में 4401 पदों के लिये उर्दू शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. वर्तमान में 689 शिक्षक कार्यरत हैं.
पिछले वित्तीय वर्ष का आवंटन नहीं करने वाले डीडीओ पर होगी कार्रवाई
निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा अधीक्षकों को यह भी निर्देश दिया गया है कि जो डीडीओ नियमित शिक्षकों को भुगतान नहीं करते, उन पर कार्रवाई की जाये.
साथ ही जिन डीडीओ ने उर्दू शिक्षकों का पिछले वित्तीय वर्ष का आवंटन नहीं किया है उन पर भी कार्रवाई की जायेगी. सातवें पीआरसी की राशि शिक्षकों को अलग से दी जायेगी.
बता दें कि वित्तीय वर्ष 2019-20 से उर्दू शिक्षकों के वेतन का भुगतान जिला शिक्षा अधीक्षक के माध्यम से किया जा रहा है. पहले यह डीडीओ करते थे.
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जिला शिक्षा अधीक्षक करेंगे राशि आवंटन
प्राथमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी इस राशि को जिला शिक्षा अधीक्षक आवंटित करेंगे. इसकी निकासी और व्यय संबधी दस्तावेजों में जिला शिक्षा पदाधिकारी की अनुमति होना आवश्यक है.
इसमें डीडीओ के लिए भी कार्यादेश दिया गया है जिसमें अकांउट सबंधी विवरणों का जिला से मिलान करना और गलतियां सुधार करना, वित्त नियमावली का पालन करना आदि है.
अगर बिल जमा होने के कारण शिक्षकों के भुगतान में विलंब होता है तो डीडीओ इसके जवाबदेह होंगे. इसके साथ ही सभी जिलों के लिये राशि आवंटित की गयी है.
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