
Ranchi : उत्तर प्रदेश सरकार ने कोटा, राजस्थान में फंसे अपने छात्रों को वापस लाने के लिए सैकड़ों बसों को रवाना किया है. पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कोरोना आपदा और लॉकडाउन में यूपी सरकार के इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए इसे दोहरी नीति बताया है.
साथ ही भारत सरकार से सवाल पूछा है कि लॉकडाउन के मामले में गृह और स्वास्थ्य विभाग के सारे नियम केवल झारखंड सरकार के लिए हैं, या और राज्यों के लिए भी? झारखंड को भी अपने प्रवासी श्रमिकों और बाहर फंसे छात्रों को वापस लाने में सहयोग मिले.
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पीएम मोदी से मंत्री ने पूछे हैं सवाल
मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने अपने ट्विटर हैंडल के माध्यम से पीएम नरेंद्र मोदी से अलग-अलग राज्यों के मामले में दोहरी नीति अपनाये जाने पर सवाल पूछा है. मंत्री के मुताबिक, झारखंडी प्रवासी छात्र और श्रमिक लंबे क्वारेटीन के बाद भी घरों से दूर रहने को विवश हैं.
ऐसी दोहरी नीति क्यों ?
झारखंडी प्रवासी छात्र/मजदूर लंबे क्वारंटीन के बाद भी घर से दूर रहने को विवश हैं जबकि योगी सरकार सैकड़ों बसें भेजकर हजारों को मंगवा रही है।
MoHA का गाइडलाइन सिर्फ हमारे लिया था क्या ??
माननीय प्रधानमंत्री कृपया 🙏🙏@HemantSorenJMM @narendramodi @PMOIndia pic.twitter.com/VxMBTbCk6O— Mithilesh Kumar Thakur (@MithileshJMM) April 18, 2020
लॉकडाउन के बावजूद योगी सरकार सैकड़ों बसें भेजकर हजारों छात्रों को वापस लाये जाने का इंतजाम कर रही है. केंद्र सरकार का गाइड लाइन सिर्फ झारखंड के लिए है क्या? मिथिलेश ठाकुर ने सीएम हेमंत सोरेन को इस मामले पर संज्ञान लेने तथा प्रवासी झारखंडियों को भी वापस लाने के लिए उन्हें निर्देशित किये जाने की मांग की है.
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सीएम नीतीश कुमार ने भी जतायी है आपत्ति
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी योगी सरकार द्वारा लॉक डाउन के बावजूद कोटा से छात्रों को वापस लाये जाने के मसले पर आपत्ति जतायी है. उन्होंने ऐतराज जताते हुए कहा है कि योगी सरकार लॉकडाउन का मखौल उड़ा रही है.
उन्होंने राजस्थान सरकार से मांग की है कि वह बसों का परमिट वापस ले. कोटा में जो छात्र जहां फंसे हैं, उनकी सुरक्षा की जाये. बिहार के सीएस दीपक कुमार ने इस मसले पर राजस्थान सरकार को पत्र भी लिखा है.
इसमें कहा गया है कि कोटा से यूपी के छात्रों को निकलने देने का फैसला भानुमति का पिटारा खोलने जैसा है. यदि आप छात्रों को निकलने की अनुमति देते हैं, तो आप किस आधार पर प्रवासी मजदूरों को वहां रुकने के लिए कह सकते हैं. इसलिए राजस्थान सरकार बसों को जारी की गयी विशेष परमिट रद्द करे.
कोटा से छात्रों को लाने का मामला
कोटा में बड़ी संख्या में अलग-अलग राज्यों के छात्र रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. कोरोना संक्रमण के मामले सामने आने के बाद वहां हडकंप मचा हुआ है. मांग होने लगी है कि वहां से छात्रों को निकाला जाये.
मामले को तूल पकड़ता देख राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार छात्रों को यहां से जाने देने को तैयार हो गयी है. इसके बाद मीडिया में खबर आयी कि यूपी की सरकार ने राजस्थान में 300 बसें भेजकर अपने छात्रों को निकालने का अभियान शुरू किया है.
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