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निजी स्कूल मंथली फीस जमा करने के लिए अभिभावकों पर न बनायें दबाव : उपायुक्त रामगढ़

Ranchi: कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के खतरे की वजह से किये गये लॉकडाउन में सभी स्कूल बंद हैं. यह लॉकडाउन 3 मई तक के लिए है. ऐसे में जिले के निजी स्कूलों को मासिक फीस और बस का किराया जमा करने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बनाने की अपील रामगढ़ उपायुक्त संदीप कुमार ने की है.

इस बाबत उन्होंने लेटर भी जारी किया है. जारी लेटर में उन्होंने 31 मार्च को जैक की ओर से राज्य के सभी निजी स्कूलों को भेजे गये पत्र का हवाला भी दिया गया है. उन्होंने अपने पत्र में कहा है कि डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट – 2005 के प्रावधानों के तहत लॉकडाउन की अवधि में स्टूडेंट्स से मासिक फीस और बस का ट्रांस्पोर्टेशन फीस नहीं लेने का निर्देश दिया जाता है.

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पढ़ाई के विकल्पों को अपनायें

उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि स्कूल प्रबंधन ऐसा करने के लिए अभिभावकों पर दबाव नहीं बनायें. और न ही मासिक फीस और ट्रांस्पोर्टेशन फीस लें. वहीं स्कूल संचालित नहीं होने की वजह से पढ़ाई में जो रुकावट आयी है, उसे स्कूल प्रबंधन अपने स्तर से वीडियो, ऑडियो, व्हाट्सएप के अलावा पीपीटी मोड में संचालित करें.

गौरतलब है कि मार्च के अंतिम सप्ताह में शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो और शिक्षा विभाग की बैठक के बाद झारखंड एकेडमिक काउंसिल ने राज्य के सभी निजी स्कूल के प्राचार्यों और स्कूल प्रबंधकों को पत्र लिख कर लॉकडाउन अवधि की फीस और ट्रांस्पोर्टेशन फीस नहीं लेने को कहा था.

जैक की ओर से जारी पत्र के बाद सबसे पहले धनबाद उपायुक्त ने अपने जिले के निजी स्कूलों को फीस नहीं लेने को कहा था. इसके बाद देवघर, बोकारो जिला के उपायुक्त ने भी अपने-अपने जिला के स्कूलों को पत्र लिख कर फीस माफ करने की बात कही है.

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