Muradabad: कोरोना वायरस से संक्रमित एक पुलिस हेड कांस्टेबल ने यहां टीएमयू अस्पताल की पांचवीं मंजिल से कथित तौर पर कूद कर आत्महत्या कर ली. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह तीसरा ऐसा मामला है, जिसमें कोविड-19 के मरीज ने तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय (टीएमयू) अस्पताल की इमारत से कथित तौर पर कूद कर आत्महत्या की है.
उन्होंने बताया कि पिछले महीने वहां एक महिला मरीज और एक बैंक प्रबंधक की इसी तरह की घटना में मौत हुई थी. मुरादाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रभाकर चौधरी ने कहा कि उन्होंने अस्पताल की इन तीनों घटनाओं की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिये हैं.
पुलिस सूत्रों के अनुसार हेड कांस्टेबल दिवाकर शर्मा के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद शनिवार को उसे टीएमयू अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
सूत्रों ने कहा कि पुलिसकर्मी कथित तौर पर अस्पताल से भागने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अस्पताल कर्मियों ने उसे रोक दिया. बाद में वह कथित तौर पर अस्पताल की खिड़की से कूद गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गयी.
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने कहा कि कांस्टेबल अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के कारण परेशान था और संक्रमित होने का पता चलने के बाद वह और भी परेशान हो गया. उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान कोविड-19 के मरीज की मानसिक स्थिति की भी जांच की जानी चाहिए.
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MP: कोविड-19 रोगियों में आत्महत्या की प्रवृत्ति दूर करने के लिए परिजनों से करायी जा रही है मुलाकात
Bhopal: कोरोना वायरस रोगियों में अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति को दूर करने के लिए मध्य प्रदेश के सरकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में पारदर्शी कांच बीच में लगाकर उनके परिजनों से मुलाकात करायी जा रही है.
नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ पी के कसार ने रविवार को ‘पीटीआइ-भाषा’ को बताया, ‘‘हम कोरोना वायरस मरीजों को एक सितंबर से अपने परिवार के सदस्यों से मिलने की अनुमति दे रहे हैं, ताकि इलाज के दौरान उनमें जो अवसाद आ रहा है उसे दूर किया जा सके या कम से कम किया जा सके.’’
कसार ने कहा कि हम ऐसे अवसाद ग्रस्त रोगियों का उनके परिजनों से पारदर्शी कांच लगा कर मुलाकात करवा रहे हैं. इस पारदर्शी कांच में छेद किया रहता है, ताकि वे एक-दूसरे की आवाज भी सुन सकें.
उन्होंने कहा कि हमारे इस कदम से अब तक 10 से अधिक मरीज कोरोना वायरस दिशा निर्देश का पालन करते हुए अपने परिजनों से आमने-सामने बैठकर बात कर चुके हैं . इस बातचीत के नतीजों पर भी हम अध्ययन कर रहे हैं.
अस्पताल में पिछले महीने कोरोना वायरस के दो मरीजों द्वारा आत्महत्या करने के असफल प्रयास के बाद यह कदम उठाया गया है.
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