
Ranchi: रांची के सदर अस्पताल में आउटसोर्सिंग एजेंसी जी-अलर्ट द्वारा अस्पताल कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है. सुपरवाइजर का नाम प्रकाश कुमार बताया जा रहा है.
सुपरवाइजर के इस कार्यशैली से नाराज सदर अस्पताल कर्मी (नर्स, वॉर्ड ब्वाय, व्हीलचेयर और ट्रॉलीमैन वालों) ने कुछ समय के लिए काम को बाधित रखा. हालत यह हो गयी कि कोरोना संक्रमित मरीजों के सामने परेशानी आ गयी.
नर्सों के काम छोड़ देने के कारण आईसीयू समेत अन्य वार्ड के मरीज कुछ देर के लिए बेहाल हो गए थे. जिसके कुछ देर के लिए ही अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था.
बाद में काम बाधित होते देख कंपनी के अधिकारियों ने कर्मियों को समझाया. इसके बाद ही अस्पताल के सभी स्वास्थ्यकर्मी शांत हुए और काम फिर से शुरू किया.
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बता दें कि कुछ दिन पहले ही सदर अस्पताल में करोना मरीज की मौत के बाद कई परिजनों ने हंगामा किया था और नर्सों को भी भला-बुरा कहा था. जिसके बाद नर्सों ने हड़ताल कर दिया था.
नर्सों का कहना था कि कोरोना के इस संकटकाल में अपनी जान जोखिम में डालकर वे मरीजों की सेवा में लगी हैं. अपने घर परिवार से दूर इतनी रिस्क पर काम कर रही हैं, और कुछ भी होने पर परिजन उन्हें ही भला-बुरा कह रहे हैं.
इसी दौरान नर्सों ने उनके इंसेंटिव का भुगतान नहीं होने की बात भी रखी थी. हालांकि बाद में नर्सों से बातचीत करने पहुंचे डीसी ने जल्द ही उनके इंसेंटिव के भुगतान करने का आश्वासन दिया था, जिसपर वे काम में लौटने को तैयार हुई थी.
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