
Ranchi : राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में तृतीय और चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों की भारी कमी है. लेकिन उनकी नियुक्ति को लेकर अब तक कोई आवश्यक कदम नहीं उठाये गये हैं.
विश्वविद्यालयों में कर्मचारियों की नियुक्ति को लेकर विभाग ने सभी कुलपतियों को पत्र लिखा. सितंबर के पहले सप्ताह में पत्र के माध्यम से विभाग ने कुलपतियों को बताया कि अब तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से की जायेगी.
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क्या कहा था विभागीय सचिव ने
विभाग के प्रधान सचिव शैलेश कुमार सिंह ने कुलपतियों से कहा कि विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के पदों पर नियुक्ति के लिए परिनियम गठित है. लेकिन विश्वविद्यालयों द्वारा परिनियम गठित किये जाने के पांच वर्ष बाद भी नियुक्ति नहीं की जा सकी है.
इससे वर्ष 2021 में बड़ी संख्या में कर्मियों के रिटायर होने से कामकाज प्रभावित हो सकता है. प्रधान सचिव ने अपने पत्र में कहा कि इन पदों पर नियुक्ति झारखंड कर्मचारी चयन आयोग से होनी है.
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जेएसएससी से नियुक्ति का हो रहा विरोध
जेएसएससी की ओर से राज्य के विश्वविद्यालयों में तृतीय और चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों की नियुक्ति का विरोध विश्वविद्यालयों में हो रहा है. वहां कार्यरत कर्मी इसे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता का हनन मान रहे हैं. इस संबंध में रांची विश्वविद्यालय के सिंडिकेट सदस्य अटल पांडेय ने कई बार इसे लेकर विरोध दर्ज किया है. स्टूडेंट यूनियन भी इसे सही नहीं बता रहे हैं.
सिंडिकेट सदस्य अटल पांडेय ने कहा है कि विश्वविद्यालय एक्ट में कर्मचारियों की नियुक्ति का अधिकार विवि प्रशासन को दिया गया है. ऐसे में विभागीय सचिव की ओर से केवल एक चिट्ठी जारी कर विवि से नियुक्ति का अधिकार कैसे ले सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि यूनिवर्सिटी एक्ट में संसोधन हो सकता है. इसे पत्र जारी कर बदला नहीं जा सकता है.
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