
Ranchi: सीपीआइएम राज्य कमेटी ने राजस्थान के मेवात में गो हत्या के नाम पर हुई घटना की निंदा की. राज्य पोलित ब्यूरो सदस्य वृंदा करात ने पिछले दिनों मेवात में पीड़ित जुनैद और नासिर के परिवारों से मिलकर घटना की जानकारी ली. पीड़ित परिवारों ने सीपीआइएम प्रतिनिधिमंडल को बताया कि राजस्थान और हरियाणा की सीमा पर सक्रिय गौरक्षकों व बजरंग दल के कथित अपराधियों द्वारा दोनों का अपहरण कर लिया गया था. इन अपराधियों ने उन्हें बेरहमी से पीटा था और फिर जिंदा जला दिया गया था. प्रतिनिधिमंडल को ये बातें जुनैद और नासिर के परिजनों और घटना स्थल पर मौजूद लोगों से बात करते हुए जानकारी हुई. प्रतिनिधिमंडल में राजस्थान राज्य सचिव अमरा राम, सुमित्रा चोपड़ा, डॉ संजय माधव, अधिवक्ता शब्बीर खान शामिल रहे. प्रतिनिधिमंडल ने इस नृशंस हत्या की कड़ी निंदा की. जिसे तथाकथित गौ रक्षक गिरोहों की आपराधिक गतिविधियों को हरियाणा सरकार और पुलिस की नीति को जिम्मेदार ठहराया है. प्रतिनिधिमंडल ने भी मामले में राजस्थान सरकार को इस मामले में राजस्थान पुलिस की भूमिका की तत्काल जांच करने की मांग की है.
वृंदा करात ने बयान जारी करते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में राजस्थान सरकार को दृढ़ता से कार्य करने की आवश्यकता है. खासकर तब जब अपहरण का प्रारंभिक अपराध राजस्थान में हुआ था. नामजद अपराधियों को अविलंब गिरफ्तार किया जायें. कन्हैया लाल की पहले हुई साम्प्रदायिक हत्या में सरकार द्वारा दी गई पचास लाख रुपये की मुआवजा राशि पीड़ितों के परिवारों को दी जायें.




