
New Delhi. कोरोना ( Coronavirus ) के कारण पूरे विश्व में आर्थिक मंदी आ गई है. इसका असर अब उद्योगों पर भी दिख रहा है. कई लोगों की नौकरियां चली गई, तो कई कंपनियां बंद हो गई. अब इसका असर टीवी इंडस्ट्री पर भी साफ तौर पर देख जा रहा है.
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कोविड-19 लॉकडाउन ( Coron Lockdown ) के कारण टीवी उद्योग ( TV industry ) पर गहरी चोट लगी है, जिस कारण कई चैनल बंद हो गए हैं या बंद होने के कागार पर हैं.
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मीडिया रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि 1 जुलाई 2020 से सोनी पिक्चर्स नेटवर्क्स इंडिया (SPNI) अपने लोकप्रिय अंग्रेजी मनोरंजन चैनलों AXN और AXN HD को बंद कर देगा. वहीं, उसी दिन ‘दिल्ली आज तक’ ( Dilli Aaj Tak) जो इंडिया टुडे समूह का हिस्सा है, वह भी टेलीविजन स्क्रीन से भी गायब हो जाएगा.
क्यों बंद हो रहे चैनल
जानकार बता रहे हैं कि कोविड-19 लॉकडाउन में चैनल्स के दर्शक जरूर बढ़े हैं लेकिन रेवन्यू में भारी गिरावट आई है, इस कारण कर्माचारियों को बाहर किया जा रहा है या चैनल्स को ब्लैक-अउट करने की तैयारी की जा रही है.
कोविड-19 लॉकडाउन नहीं दे रहे हवाला
हालांकि चैनल प्रबंधन बंद करने का कारण कोविड-19 लॉकडाउन का हवाला नहीं दिया जा रहा है, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, लॉकडाउन ने प्रसारण व्यवसाय को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिस कारण ही चैनल्स का परिचालन बंद किया जा रहा है.
विज्ञापन में भारी गिरावट
BARC-Nielsen की रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य मनोरंजन चैनलों को जनवरी की तुलना में अप्रैल से विज्ञापन राजस्व में 26 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। दावा ये भी किया जा रहा है कि विज्ञापन कम होने के कारण ही चैनल्स पर दर्शकों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है, खासकर समाचार चैनलों पर.
वहीं, रेटिंग एजेंसी आईसीआरए ( ICRA ) के अनुसार, कोविड-19 के कारण फिल्म निर्माण, प्रिंट मीडिया और टेलीविजन प्रसारण क्षेत्रों के लिए क्रेडिट आउटलुक नेगेटिव हुई है।
’30-40 चैनल्स हो सकते हैं बंद’
फिक्की-ईवाई ( FICCi-EY) की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र, जिसमें समाचार पत्र, समाचार और मनोरंजन टीवी चैनल, रेडियो और सिनेमा शामिल हैं, का मूल्य 1.82 ट्रिलियन रुपये है. इसने 2018 में 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, लेकिन यह लॉकडाउन से बहुत प्रभावित हुआ है, जिसने अर्थव्यवस्था पर भारी असर डाला है.
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि छोटे खिलाड़ियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा, अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो लगभग 30-40 टीवी चैनल बंद हो सकते हैं या ऑपरेशन बंद करने पड़ सकते हैं।




