JharkhandRanchi

सादरी बोल कर झारखंडियों को पीएम ने की लुभाने की कोशिश

                             मिशन 2019 के पहले फिर रांची आने का किया वायदा

Ranchi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी रांची के प्रभात तारा ग्राउंड से रविवार को महात्वाकांक्षी योजना आयुष्मान भारत की शुरुआत की. उन्होंने मिशन 2019 के पहले एक बार फिर रांची आने का वायदा भी किया. पीएम ने अपने संबोधन की शुरुआत नागपुरी (सादरी भाषा) बोल कर किया. उन्होंने कहा कि झारखंड कर माटी में  हमर भाई आउर बहिन के नमन करत हों. नमन करत हों झारखंड के महान बिरसा मुंडा कर. जोहार है भाई मन के और बहिन मन के. मोंय बिरसा मुंडा की धरती पर आइज आय हों. मोंय दुनिया कर सबसे बड़ी योजना आयुष्मान भारत कर उदघाटन झारखंड कर धरती से करत हों. एकर से झारखंड कर देश भर में नाम होई. जोहार.

मोदी ने स्पष्ट लफ्जों में झारखंडियों को अपने सरल स्वभाव से सादरी बोल कर न सिर्फ रिझाया, बल्कि यह संदेश देने की भी कोशिश की कि वे जनजातीय क्षेत्र के विकास के लिए काफी चिंतित हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना रांची ही नहीं, बल्कि देश के 400 शहरों में एक साथ शुरू की गयी है. पूरे हिंदुस्तान का ध्यान रांची की धरती पर है. गरीबों के सशक्तिकरण को लेकर केंद्र सरकार द्वारा चलायी जा रही योजनाओं को बेहतर बताते हुए विपक्षी दलों पर भी जम कर निशाना साधा.

Catalyst IAS
SIP abacus

इसे भी पढ़ें :प्रचार-प्रसार में सरकार ने फूंके करोड़ों, कार्यक्रम में आये लोगों को योजना के बारे में पता तक नहीं

Sanjeevani
MDLM

झारखंड में चार साल में आठ मेडिकल कालेज

प्रधानमंत्री ने कहा कि महापुरुषों के आर्शीवाद से ही गरीबों का उत्थान संभव है. उन्होंने कहा कि झारखंड में 70 वर्षों में सिर्फ तीन मेडिकल कालेज ही बन पाये थे. उनकी सरकार ने आठ मेडिकल कालेज खोलने का निर्णय लिया है. अब झारखंड में मेडिकल की पढ़ाई के लिए 1250 से अधिक सीटें होंगी. पलामू, हजारीबाग, चाईबासा, कोडरमा, देवघर समेत और दो जिलों में मेडिकल कालेज खुलेंगे. इसके लिए केंद्र से प्रत्येक मेडिकल कालेज को 250 करोड़ रुपये से अधिक दिये जायेंगे. उन्होंने कहा कि देश के दरिद्रनारायणों की सेवा सरकार का लक्ष्य है. इसका लाभ झारखंड को भी मिलेगा. उन्होंने कहा कि यह सरकारों के कामकाज करने का तरीका दर्शाता है. पूर्व की सरकारों ने कैसे काम किया और हमारी सरकार कैसे काम कर रही है. यह आयुष्मान भारत योजना से बिल्कुल स्पष्ट होता है.

 

Related Articles

Back to top button