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CM ने ट्राइबल यूनिवर्सिटी बनाने की कही थी बात, जमीन तक नहीं की गयी चिह्नित

केंद्र ने भी 2017 में जीमन चिन्हित कर प्रस्ताव की मांग की थी, लेकिन इस पर कोई पहल नहीं कर पाई सरकार

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Ranchi : राज्यपाल और मुख्यमंत्री दोनों ने समय-समय पर ट्राइबल यूनिवर्सिटी बनाने की बात की है. हालांकि ये बात राज्य के लिए नयी नहीं है क्योंकि सालों से इसकी मांग की जा रही है. लेकिन अभी तक मुख्यमंत्री की ओर से इस पर कोई पहल नहीं की गई है.

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गुमला जिला में इसके लिए सरकार को जमीन होने की जानकारी भी दी गई है. जो स्वर्गीय कार्तिक उरांव के समय से ही यूनिवर्सिटी के लिए चिन्हित है. वहीं इस जमीन को चिन्हित कर केंद्र को प्रस्ताव भेजने की मांग कई बार समाजिक संगठनों ने की.

फरवरी 2017 को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से मानव संसाधन मंत्रालय को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा गया. इसपर मंत्रालय की ओर से जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव तैयार कर केंद्र को सूचित करने की बात की गई. लेकिन अभी तक राज्य सरकार यूनिवर्सिटी निर्माण के लिए जमीन चिन्हित नहीं कर पाई.

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समिति गठित कर तैयार करना था प्रस्ताव 

साल 2016 के बजट सत्र के दौरान विधानसभा में ट्राइबल यूनिवर्सिटी बनाने की मांग को उठाया गया. जिस पर मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव बनाने के लिए समिति गठित करने की बात कही थी. लेकिन अब तक समिति का गठन नहीं किया गया है.

समिति के तैयार प्रस्ताव को ही केंद्र भेजना था. लेकिन राज्य सरकार की ओर से केंद्र को कोई प्रस्ताव नहीं देने पर मामला जस का तस पड़ा है. चार फरवरी 2019 को एक बार फिर गुमला विधायक शिव शंकर उरांव ने इस संबध में मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा, जिस पर मुख्यमंत्री की ओर से 11 दिनों में प्रारूप समिति गठन करने की बात गयी थी.

मुख्यमंत्री खुद जा चुके हैं जमीन देखने

आदिवासी शक्ति स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय निमार्ण समिति की अनुशंसा पर मुख्यमंत्री रघुवर दास साल 2017 में समिति की ओर से चिन्हित जमीन देखने पहुंचे थे. समिति की ओर से गुमला में स्थान चिन्हित किया गया है. जो जारी ब्लाॅक, जसपूर और मांझागांव समेत अन्य गांवों को मिलाकर लगभग तीन हजार एकड़ है.

उस वक्त मुख्यमंत्री के साथ छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमण सिंह भी उपस्थित थे. वहीं कई बार ट्वीट के माध्यम से मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में जल्द से जल्द नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोला जाएगा. पिछले तीन सालों से राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी की मांग तेज है. लेकिन इस संबंध में काम ठप है.

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टीवी कट्टीमनी भी मिल चुके हैं राज्यपाल और मुख्यमंत्री से

अमरकंटक स्थित नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी के वीसी टीवी कट्टीमनी इस संबध में 6 और 7 मई 2018 को राज्यपाल और मुख्यमंत्री से मुलाकात की. जिसमें उन्होंने यूनिवर्सिटी खोलने के लिए हर संभव सहयोग करने की बात की थी.

जिसके बाद मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया था कि राज्य में जल्द ही ट्राइबल यूनिवर्सिटी खोली जाएगी. जहां जनजातिय, सांस्कृतिक, टूरिज्म, स्पोर्टस और नर्सिंग की पढ़ाई होगी. वहीं आदिवासी शक्ति स्वायतशासी विश्वविद्यालय निमार्ण समिति के सह सचिव शक्ति साहु ने जानकारी दी कि आने वाले दो सालों में यूनिवर्सिटी तैयार करने की कोशिश की जा रही है. समिति इसके लिए प्रयासरत है.

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