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बिहारः रुझानों में एनडीए की सरकार, फेल हुए एग्जिट पोल

 

PATNA. बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर जो ट्रेंड उभर रहे हैं , अगर फाइनल नतीजे वैसे ही रहे तो बीजेपी-जेडीयू गठबंधन की सरकार लगातार चौथी बार बनती दिख रही है. अगर ऐसा हुआ तो एनडीए को सरकार बनाने के लिए किसी की मदद लेने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. बिहार विधानसभा में कुल 243 सीटें हैं. सभी सीटों के रुझान मिल चुके हैं.
दिन के एक बजे  विभिन्न सीटों से जो रुझान मिले हैं, उसके मुताबिक एनडीए 127 सीटों पर आगे चल रही है.  महागठबंधन 106 सीटों पर आगे चल रही है. एनडीए फोल्डर में भाजपा 73, जेडीयू 49, वीआईपी की 6  सीट पर बढ़त दिख रही है. दूसरी तरफ महागठबंधन में राजद 65, कांग्रेस 20 और लेफ्ट पार्टियों को 19 सीटों पर बढ़त के रुझान मिले हैं. अन्य को 10 सीटों पर बढ़त है.

करीब 99 सीटें ऐसी हैं जहां 2000 से कम वोटों का अंतर

चुनाव आयोग के मुताबिक, दोपहर 12 बजे तक करीब 99 सीटें ऐसी हैं जहां 2000 से कम वोटों का अंतर है. जबकि 54 सीटें ऐसी हैं जहां 1000 से कम वोटों का अंतर है, इसके अलावा 28 सीटों पर अंतर 500 से भी कम वोटों का है. चुनाव आयोग के मुताबिक, अबतक करीब 16 फीसदी मतदान हुआ है.

चुनाव आयोग के मुताबिक, इस बार फाइनल नतीजे आने में कुछ देर हो सकती है. क्योंकि इस बार कोरोना संकट की वजह से पोलिंग स्टेशन की संख्या करीब 46 फीसदी बढ़ी थी, ऐसे में धीरे-धीरे काउंटिंग हो रही है. इस बार पोलिंग स्टेशन की संख्या 72 हजार से बढ़ाकर 1 लाख तक की गई थी.

विभिन्न जिला मुख्यालयों में बने स्ट्रांग रूम में 243 सीटों के लिए सुबह आठ बजे से वोटों की गिनती शुरू हुई. आज धीरे-धीरे इस रहस्य से पर्दा उठता जाएगा कि बिहार में नीतीश कुमार(Nitish Kumar) का ‘सुशासन’ कायम रहेगा या फिर तेजस्वी यादव(Tejashwi Yadav) का ‘तेज’ बिहार में राज करेगा?

एग्जिट पोल के उलट आ रहे हैं नतीजे

बिहार में अगले पांच साल तक किसकी सरकार रहेगी. एग्जिट पोल के नतीजे कह रहे थे कि बिहार में सत्ता परिवर्तन संभव है, लेकिन पूर्वाह्न 11.20 बजे को रुझान हैं, उसके मुताबिक बिहार में फिर से एनडीए सरकार बनाने की दिशा में बढ़ती दिख रही है. बिहार जैसे जटिल राजनीतिक पृष्ठभूमि वाले राज्य में यह एक अभूतपूर्व घटना होगी. नीतीश पिछले तीन टर्म से बिहार के मुख्यमंत्री हैं, यानी उन्होंने पिछले तीन चुनाव लगातार जीते है. अगर वे एक बार फिर चुनाव जीतते हैं, तो यह ऐतिहासिक घटना होगी.

2015 में साथ लड़े थे राजद और जदयू

सनद रहे कि 2015 के चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस ने महागठबंधन बनाकर चुनाव लड़ा था. इस गठबंधन को 178 सीटें मिलीं थी. लेकिन, डेढ़ साल बाद ही महागठबंधन का सबसे बड़ा घटक दल जदयू महागठबंधन से अलग होकर एनडीए के खेमे में चला गया था. इस बार के चुनाव में राजद ने कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया. उधर एनडीए फोल्डर में भाजपा, जदयू, वीआईपी और हम शामिल हैं. एनडीए का हिस्सा रहे लोजपा ने अलग राह अपना ली थी. एलजेपी ने पूरे चुनाव में नीतीश कुमार के खिलाफ अभियान चलाया.

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