
Ranchi : रांची विवि का 32वां दीक्षांत समारोह सोमवार को मोरहाबादी दीक्षांत मंडप में आयोजित किया गया. जहां 56 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किये गये. मौके पर मुख्य अतिथि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के हाथों 8 टॉपर्स को गोल्ड मेडल दिया गया.
अन्य को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने गोल्ड मेडल प्रदान किया. इसके अतिरिक्त 3883 विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गयी.
कार्यक्रम में राष्ट्रपति की पत्नी सविता कोविंद सहित सीएम रघुवर दास, राज्यपाल द्रौपदी मूर्मू, शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव सहित रांची विवि परिवार मौजूद था.
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राज्य की संस्कृति को सराहा
अपने दीक्षांत संबोधन में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने झारखंड की धरती की ऊर्वरता, यहां की भाषा संस्कृति, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं के साथ रांची विवि की उपलब्धियों की चर्चा की. अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने गोल्ड मेडलिस्टों को झारखंड की बौद्धिक संपदा कहा.
वहीं गोल्ड मेडल सूची में लड़कियों की संख्या पांच गुणा से अधिक होने को उन्होंने उपलब्धि बतायी. उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का युग अवसर और चुनौतियों का युग है.
आज की पीढ़ी को जितने संसाधन और अवसर मिले हैं, वो इससे पहले की पीढ़ी को नहीं मिले. उन्होंने युवाओं को इसी अवसर को भुनाने को कहा.
तालमेल कैसे करना है, ये आदिवासियों से सीखें
झारखंड के आदिवासी संस्कृति के बारे कहा कि प्रकृति के बीच रहते हुए, उनसे तालमेल बिठाते हुए अपनी जरूरत को पूरा करने की सीख हमें यहां के आदिवासियों से सीखनी चाहिये. उन्होंने विवि से कॉरपोरेट कंपनियों की तरह की सोशल रेस्पांसबिलिटी निभाने को कहा.
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कुछ करने की इच्छा हो तो रास्ते अपने-आप मिल जाते हैं : सीएम
अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि युवाओं के मन में मिशन होना चाहिये. जीवन में कुछ करने की इच्छा है तो रास्ते अपने आप मिल जायेंगे. आने वाला समय ज्ञान संवर्धन का है. ज्ञान के इस युग में अधिक से अधिक ज्ञान की बढ़ोत्तरी हो, इसको लेकर मेहनत करना होगा.
उन्होंने कहा कि जिस क्षेत्र व विषय में आपने डिग्री ली है, उसमें उत्कृष्ठ बनें. छात्रों के कल्याण के लिए राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही सीएम फैलोशिप योजना का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि युवाशक्ति ही राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है.
हमारे राज्य में सबसे बड़ा मानव संसाधन मौजूद है. उन्होंने कार्यक्रम के दौरान कहा कि मैं भी इसी विवि का छात्र रहा हूं. मैंने यहां से बीए एलएलबी की डिग्री ली है.
राज्य में विकास की असीम संभावनाएं
राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय राज्य का सबसे पुराना विवि है. इसने अपने स्थापना काल से ही अनगिनत शिक्षाविद, वैज्ञानिक, अनुसंधानकर्ता, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, चिकित्सक, अभियंता, प्रबंधक, कानूनविद्, साहित्यकार आदि देकर अपनी क्षमता का परिचय देते हुए इस प्रदेश ही नहीं, राष्ट्र को भी गौरवांवित किया है.
प्राकृतिक एवं खनिज संपदा से समृद्ध झारखंड राज्य में विकास की असीम संभावनाएं हैं लेकिन बौद्धिक संपदा के बिना हम इनका कुशलतापूर्वक समुचित उपयोग नहीं कर सकते.
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